SIR विवाद के बीच हर्ष गोयनका की पोस्ट चर्चा में, बांग्लादेश और नेहा बोरा पर कही ये बात

हर्ष गोयनका ने X पर जापान, अमेरिका, जर्मनी, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड से सीखने की अपील की। बांग्लादेश पर उनकी टिप्पणी को नेहा बोरा के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 October 2026, 10:09 AM IST

मुंबई: RPG एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका की बांग्लादेश को लेकर की गई सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने जापान, अमेरिका, जर्मनी, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड की खूबियों का जिक्र करते हुए लोगों से दुनिया के सफल देशों से सीखने की अपील की। पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि विडंबना है कि कुछ लोग बांग्लादेश से प्रेरणा लेना चुनते हैं।

हर्ष गोयनका ने किन देशों का किया जिक्र?

हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जापान की संस्कृति, अमेरिका के नवाचार, जर्मनी की इंजीनियरिंग, सिंगापुर के अनुशासन और स्विट्जरलैंड की सटीकता से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लोगों और व्यवस्थाओं से सीखने की बात कही।

पोस्ट में गोयनका ने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं लिया। हालांकि, इसे भारत में बांग्लादेश के छात्र आंदोलन का उदाहरण देने वाली चर्चाओं से जोड़कर देखा जा र

हा है।

 

नेहा बोरा की टिप्पणी से जुड़ा है विवाद

यह बहस ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की उन टिप्पणियों के संदर्भ में सामने आई है, जिनमें उन्होंने बांग्लादेश के छात्र कार्यकर्ताओं के प्रति एकजुटता जताई थी। बताया गया कि उन्होंने बांग्लादेश के आंदोलन को भारत में लोकतांत्रिक और मतदान अधिकारों के लिए एकजुट होने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए सीख के तौर पर पेश किया था।

हालांकि, हर्ष गोयनका ने अपनी पोस्ट में नेहा बोरा या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का नाम नहीं लिया। इसलिए पोस्ट को सीधे उनके खिलाफ टिप्पणी बताना स्पष्ट रूप से पुष्ट नहीं है।

SIR और चुनाव आयोग को लेकर भी जारी है बहस

भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। CJP और कुछ अन्य समूह इन मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन सरकारी नौकरी की कोटा व्यवस्था के खिलाफ था। बाद में यह व्यापक सरकार-विरोधी आंदोलन में बदल गया और अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी।

बांग्लादेश की घटनाओं पर भारत में राजनीतिक बहस

बांग्लादेश के आंदोलन की भारत के राजनीतिक हालात से तुलना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा ने ऐसी तुलना की आलोचना की है, जबकि विपक्षी नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध-प्रदर्शन की भूमिका पर जोर दिया है।

हर्ष गोयनका की पोस्ट ने इसी बहस के बीच ध्यान खींचा है। हालांकि, उनकी पोस्ट में किसी भारतीय नेता या संगठन का नाम नहीं है और इसे नेहा बोरा पर सीधा निशाना बताने के लिए स्पष्ट पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

Location :  New Delhi

Published :  17 October 2026, 10:09 AM IST