बुद्धि और सुख-समृद्धि के लिए ऐसे करें बुधवार को गणेश जी की पूजा, जानें संपूर्ण विधि, मंत्र, भोग और आरती

बुधवार को गणेश जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। सही विधि, मंत्र, भोग और आरती से की गई पूजा से विघ्न दूर होते हैं और जीवन में बुद्धि, सफलता और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। जानें पूरी पूजा प्रक्रिया।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 15 October 2025, 8:18 AM IST

New Delhi: बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, बुद्धि और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। हिंदू धर्म में गणेश जी को "विघ्नहर्ता" और "बुद्धिदाता" के रूप में पूजा जाता है। बुधवार के दिन यदि श्रद्धा और नियम से पूजन किया जाए, तो जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं।

पूजा की शुरुआत कैसे करें?

बुधवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ, खासकर हरे रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की सफाई कर उत्तर या पूर्व दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्ति को विराजमान करें।

गणेश पूजन की विधि

  • सबसे पहले दीपक जलाएं और जल से मूर्ति का आचमन कराएं।
  • गणेश जी को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से स्नान कराएं।
  • फिर शुद्ध जल से स्नान कराकर वस्त्र अर्पित करें।
  • चंदन, अक्षत, दूर्वा (21 गांठ), लाल फूल और सिंदूर अर्पित करें।
  • गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
  • अंत में आरती करें और मंत्रों का जाप करें।

गणेश पूजन की विधि

गणेश जी का प्रिय भोग

गणेश जी को मोदक, लड्डू, गुड़ और केले अत्यंत प्रिय हैं। विशेषकर बुधवार को मोदक और धनिया के लड्डू का भोग लगाने से विशेष फल प्राप्त होता है। हरे मूंग की दाल से बने व्यंजन भी इस दिन चढ़ाए जा सकते हैं।

इन मंत्रों का करें जाप

"ॐ गं गणपतये नमः" (108 बार)
"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥"

इन मंत्रों का जाप करने से बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।

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बुधवार को क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • हरे रंग के वस्त्र पहनें
  • गाय को हरा चारा खिलाएं
  • दूर्वा और मोदक अर्पित करें
  • विद्यार्थियों को किताबें दान करें

क्या न करें:

  • झूठ न बोलें, किसी से कटु वचन न कहें
  • मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करें
  • किसी का अपमान न करें

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गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एकदन्त दयावंत, चार भुजाधारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूस की सवारी।

आरती करते समय कपूर जलाएं और घंटी बजाकर भगवान की आराधना करें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 15 October 2025, 8:18 AM IST

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