Attala Thaddi 2025: तेलुगु महिलाएं इस दिन करती है पति की लंबी उम्र के व्रत, जानें पूजा का शुभ समय और महत्व

अटला तड्डी 2025, 9 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह तेलुगु त्योहार विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए उपवास और देवी गौरी की पूजा के साथ मनाया जाता है। जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और ज्योतिषीय महत्व।

Post Published By: ईशा त्यागी
Updated : 9 October 2025, 11:43 AM IST

New Delhi: तेलुगु संस्कृति में 9 अक्टूबर को मनाया जाने वाला अटला तड्डी (Attala Thaddi) त्यौहार, जिसे उय्या या गोरिंटाकु त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है, महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्यौहार उत्तर भारत के करवा चौथ की तरह ही विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखकर मनाया जाता है।

अटला तड्डी 2025 के शुभ मुहूर्त (Atla Taddi Shubh Muhurt)

अश्वयुज मास की ठाडिया तिथि (तीसरा चंद्र दिवस) अटला तड्डी की तिथि निर्धारित करती है। इस साल अटला तड्डी का शुभ समय इस प्रकार है:

  • ठाडिया तिथि आरंभ: सुबह 2:20 बजे
  • ठाडिया तिथि समाप्त: रात 10:55 बजे
  • चंद्रोदय: शाम 7:22 बजे

अटला तड्डी महोत्सव का महत्व

अटला तड्डी महोत्सव का महत्व (Atla Taddi Significance)

‘अट्लू’ का अर्थ है डोसा, और ‘तड्डी’ का अर्थ है तीसरा चंद्र दिवस। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इस दिन गौरी उत्सव मनाया जाता है, जो देवी गौरी (देवी पार्वती) को समर्पित है। विवाहित महिलाएं इस दिन उपवास रखकर अपने पति के लिए प्रार्थना करती हैं। वहीं अविवाहित लड़कियाँ अच्छे जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत करती हैं।

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अटला तड्डी व्रत की विधि (Atla Taddi Tithi)

  1. गोरिंटाकु (मेंहदी): पर्व से एक दिन पहले महिलाएं अपने हाथों में मेंहदी लगाती हैं।
  2. प्रारंभिक शुद्धि: व्रत के दिन सुबह “सद्दी अन्नम” ग्रहण किया जाता है।
  3. निर्जला व्रत: सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखा जाता है।
  4. पूजा की तैयारी: हल्दी, कुमकुम, ताजे फूल और 11 गांठों वाला पवित्र धागा उपयोग करके पूजा थाली सजाई जाती है।
  5. अटलू नैवेद्यम: देवी गौरी को दस अटलू (डोसा) चढ़ाए जाते हैं।
  6. पूजा और कथा: गौरी माता की पूजा के बाद अटला तड्डी कथा का पाठ किया जाता है।
  7. चंद्रमा पूजा: चंद्रोदय के समय जल अर्पित करके व्रत तोड़ा जाता है।

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ज्योतिषीय उपाय

  • शीघ्र विवाह के लिए गौरी मंत्र का जाप 108 बार करना लाभकारी होता है।
  • शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन के लिए 11 विवाहित महिलाओं को 10 अटलू और ब्लाउज़ का टुकड़ा भेंट करना शुभ माना जाता है।
  • अटला तड्डी केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, समर्पण और वैवाहिक संबंधों को मजबूत बनाने का प्रतीक भी है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 9 October 2025, 11:43 AM IST

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