अमेरिका-भारत संबंधों पर ट्रंप के पोस्ट से तनाव, विदेश मंत्रालय ने बयान को अनुचित कहा, ईरान ने किया तंज

डोनाल्ड ट्रंप के विवादित पोस्ट से भारत-चीन पर कूटनीतिक विवाद बढ़ा। ईरान ने भारत की संस्कृति की तारीफ कर तंज कसा और कहा 'कभी भारत आकर देखो'। भारत ने इसे गलत बताया, अमेरिका ने सफाई दी और बयान को रिश्तों के खिलाफ नहीं बताया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 April 2026, 12:17 PM IST

New Delhi: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों के खिलाफ आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां की गई थीं। इस पोस्ट में इन देशों को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था और अमेरिका की नागरिकता नीति में बदलाव की मांग भी उठाई गई थी।

इस बयान के सामने आने के बाद कई देशों में प्रतिक्रिया तेज हो गई और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी सवाल उठने लगे।

भारत पर लगाए गए आरोप और विवाद की शुरुआत

विवाद की जड़ उस रीपोस्ट से जुड़ी है, जिसे ट्रंप ने एक अमेरिकी टिप्पणीकार माइकल सैवेज के पॉडकास्ट से साझा किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि भारत और चीन जैसे देशों से लोग अमेरिका आते हैं और वहां बच्चे पैदा करके नागरिकता का लाभ लेने की कोशिश करते हैं।

इस तरह के बयान को कई लोगों ने भ्रामक और आपत्तिजनक बताया, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में तनाव की स्थिति बन गई।

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ईरान का तंज: ‘कभी भारत आकर देखो’

इस विवाद के बीच ईरान ने ट्रंप पर तीखा तंज कसा है। भारत में स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें महाराष्ट्र की संस्कृति और पर्यटन को दर्शाने वाला एक वीडियो भी शामिल था।

पोस्ट में कहा गया कि ट्रंप को भारत की यात्रा एक "सांस्कृतिक डिटॉक्स" की तरह करनी चाहिए। साथ ही यह भी लिखा गया कि "शायद किसी को ट्रंप के लिए एक वन-वे कल्चरल डिटॉक्स बुक कर देना चाहिए, ताकि उनकी बिना मतलब की बयानबाजी कम हो सके।"

ईरान ने आगे तंज कसते हुए कहा- "कभी भारत आकर देखो, फिर बोलना।" इस टिप्पणी को भारत की सांस्कृतिक विविधता और सकारात्मक छवि के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

भारत का कड़ा जवाब

इस विवाद पर भारत सरकार ने भी स्पष्ट और सख्त प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान को गलत जानकारी पर आधारित, अनुचित और खराब स्वाद वाला बताया।

भारत ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शातीं, जो आपसी सम्मान, सहयोग और साझेदारी पर आधारित हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के बयान द्विपक्षीय रिश्तों की सच्चाई को प्रभावित नहीं कर सकते।

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अमेरिकी दूतावास की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी दूतावास की ओर से भी सफाई दी गई। दूतावास ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भारत को एक महान देश मानते हैं और वहां के नेतृत्व को अपना अच्छा मित्र समझते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  24 April 2026, 12:17 PM IST