
200 साल पुराना हिंदू मंदिर (Img: Pinterest)
New Delhi: पाकिस्तान में एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को लेकर विवाद सामने आया है। करीब 200 साल पुराने मियामी मंदिर को व्यावसायिक प्लाजा में बदलने के लिए गिराने की कोशिश किए जाने के आरोप लगे हैं। हिंदू समुदाय और नागरिक समाज के विरोध के बाद स्थानीय प्रशासन ने मंदिर को सील कर दिया। इस घटना ने पाकिस्तान में ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले का है। जानकारी के मुताबिक, शहर के रहीम बाजार इलाके में स्थित मियामी मंदिर में निर्माण कार्य शुरू किए जाने की खबर सामने आई थी। आरोप है कि मंदिर की ऐतिहासिक इमारत को गिराकर वहां व्यावसायिक प्लाजा बनाने की कोशिश की जा रही थी।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद शनिवार को मंदिर को सील कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने भी मंदिर पर अपनी मुहर लगा दी।
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मंदिर को गिराकर व्यावसायिक निर्माण किए जाने की आशंका के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय और नागरिक समाज के संगठनों ने विरोध जताया। स्थानीय व्यापारी संघ के अध्यक्ष सोहेल अहमद आजमी ने मंदिर की इमारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर चिंता व्यक्त की। विरोध करने वाले लोगों ने संपत्ति के मालिकाना हक और वहां प्रस्तावित निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की।
इस मामले को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली तक पहुंचाने की अपील भी की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को संरक्षित किया जाना चाहिए और किसी भी तरह के निर्माण से पहले संपत्ति के दस्तावेजों तथा उसके ऐतिहासिक महत्व की जांच जरूरी है।
इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड पाकिस्तान सरकार के अधीन एक निकाय है। यह 1947 के विभाजन के बाद भारत चले गए लोगों की छोड़ी गई संपत्तियों और उनसे जुड़ी धार्मिक या अन्य संस्थाओं का प्रबंधन करता है।
मियामी मंदिर भी डेरा इस्माइल खान की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस इलाके में मंदिर से जुड़ी करीब 400 इमारतों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन इमारतों की मौजूदा स्थिति और मंदिर की संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकारों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट के अध्यक्ष आरोन सर्ब डायल ने उम्मीद जताई कि प्रांत में शासन व्यवस्था के दौरान हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने 2013 से 2026 के बीच धार्मिक संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे या उन्हें नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच की मांग भी की।
इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। मंदिर की संपत्ति, उसके मालिकाना हक और निर्माण कार्य से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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डेरा इस्माइल खान और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मौजूद हैं। इनमें बिलोट सरफराज मंदिर परिसर भी शामिल है, जिसे सातवीं से 11वीं शताब्दी के बीच का बताया जाता है। ऐसे स्थलों का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वे क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की भी पहचान हैं। मियामी मंदिर को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या सामने आता है और मंदिर के संरक्षण को लेकर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
Location : New Delhi
Published : 18 October 2026, 8:07 PM IST
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