
ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्च 47 अरब डॉलर के पार (Img- AI)
Washington: ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका का सैन्य खर्च लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस युद्ध पर अमेरिका अब तक 47.1 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। पेंटागन ने पिछले सप्ताह अमेरिकी संसद को खर्च से जुड़े आंकड़े साझा किए।
रिपोर्ट के अनुसार, 16 अक्टूबर तक युद्ध की लागत इस स्तर पर पहुंच गई थी। बढ़ते खर्च ने अमेरिकी सैन्य बजट और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
पेंटागन ने इससे पहले पिछले महीने सांसदों के सामने युद्ध की अनुमानित लागत का ब्यौरा रखा था। अब सामने आए नए आंकड़ों में करीब छह सप्ताह के दौरान अतिरिक्त 3.5 अरब डॉलर खर्च होने की जानकारी दी गई है।
यह बढ़ोतरी बताती है कि सैन्य अभियान के संचालन और हथियारों की खपत पर बड़ी रकम खर्च हो रही है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े युद्ध की कुल लागत का एक अवर्गीकृत विवरण हैं और इनमें खर्च की विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध पर हुए कुल खर्च का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा बम, मिसाइल और अन्य हथियारों पर खर्च किया गया है। सैन्य अभियान में हथियारों का इस्तेमाल और उनकी भरपाई रक्षा बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है।
युद्ध में इस्तेमाल किए गए या क्षतिग्रस्त हुए हथियारों की लागत भी खर्च के ब्यौरे में शामिल है। ऐसे में सैन्य कार्रवाई की अवधि और तीव्रता भविष्य में कुल लागत को प्रभावित करने वाले अहम कारक हो सकते हैं।
पेंटागन के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने लड़ाकू और बमवर्षक विमानों के संचालन पर 7.6 अरब डॉलर खर्च किए हैं। वहीं नौसेना ने विमानवाहक पोत समेत दो दर्जन से अधिक युद्धपोतों की तैनाती पर 1.5 अरब डॉलर खर्च किए।
अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपने बलों को बनाए रखने के लिए 2.1 अरब डॉलर खर्च किए हैं। ये आंकड़े युद्ध के दौरान अलग-अलग सैन्य सेवाओं पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ की जानकारी देते हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, युद्ध अभियान के लिए क्षेत्र में 50 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं। बड़ी संख्या में सैनिकों की मौजूदगी के साथ विमानों, युद्धपोतों और अन्य सैन्य संसाधनों का संचालन भी खर्च बढ़ाता है। खबर में दिए गए विवरण के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल बड़े पैमाने पर नया सैन्य अभियान शुरू करने से परहेज कर रहे हैं।
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हालांकि, युद्ध की आगे की दिशा और अवधि को लेकर स्पष्ट तस्वीर नहीं है। खर्च के ताजा आंकड़े अमेरिकी सैन्य अभियान की वित्तीय लागत का संकेत देते हैं, लेकिन इससे भविष्य के कुल खर्च का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
युद्ध पर बढ़ते खर्च को लेकर अमेरिकी सीनेटरों ने डोनल्ड ट्रंप से जवाब मांगा है। सीनेटरों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि सैन्य अभियान पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने का फैसला कैसे लिया गया और इसके लिए आगे कितने अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ेगी। डेमोक्रेटिक सीनेटर युद्ध की लागत, उसके उद्देश्यों और प्रतिनिधि (Representative) की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। पेंटागन से खर्च का विस्तृत हिसाब देने की मांग भी की जा रही है।
Location : Washington
Published : 29 October 2026, 10:57 AM IST