AI से नुकसान हुआ तो अब सीधे कोर्ट जाएगी कंपनियां, क्या खत्म होने वाली है सिलिकॉन वैली की ‘मनमानी’?

अमेरिका में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, AI की बेलगाम और तेज वृद्धि को अब बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस में सत्ता संभालने जा रही डेमोक्रेटिक पार्टी ने टेक कंपनियों को लक्षित करते हुए एक व्यापक विधायी एजेंडा तैयार किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 November 2026, 1:05 PM IST

New Delhi: अमेरिका में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, AI की बेलगाम और तेज वृद्धि को अब बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस में सत्ता संभालने जा रही डेमोक्रेटिक पार्टी ने टेक कंपनियों को लक्षित करते हुए एक व्यापक विधायी एजेंडा तैयार किया है। पार्टी कई नए कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिनका मकसद AI को नियामक निगरानी (regulatory oversight) के दायरे में लाना है।

आम जनता के लिए बिजली की लागत कम होगी

रिपोर्टों के मुताबिक, इस कदम से AI कंपनियों को पिछली रिपब्लिकन सरकार के दौरान मिली बेलगाम आजादी खत्म हो जाएगी और एक स्पष्ट जवाबदेही तय होगी। डेमोक्रेटिक पार्टी के एजेंडे में आम जनता के लिए बिजली की लागत कम करने से लेकर AI सिस्टम के लिए सुरक्षा परीक्षण (safety testing) को अनिवार्य बनाने जैसे कई कदम शामिल हैं। डेमोक्रेटिक सांसदों के लिए AI एक सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। उनका मुख्य ध्यान अमेरिकी नागरिकों को बिजली की बढ़ती कीमतों से बचाने पर है।

ये भी पढ़ें: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी हैरी बॉक्सर अमेरिका में गिरफ्तार, बॉलीवुड सितारों को धमकी और रंगदारी के आरोपों से जुड़ा मामला

सुरक्षा मानक मूल्यांकन कराना अनिवार्य

सीनेट में बहुमत दल के नेता (Senate Majority Leader) बनने जा रहे चक शूमर ने संकेत दिया है कि ऊर्जा संकट के बीच जनता को राहत देना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक होगा। इसके अलावा, प्रतिनिधि लोरी ट्रैहन एक ऐसा नियम लाने पर काम कर रही हैं, जिसके तहत AI मॉडल का स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षा मानक मूल्यांकन (safety standard evaluation) कराना अनिवार्य होगा।

जांच करने और समन जारी करने का अधिकार

प्रस्तावित नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी AI सिस्टम से वास्तव में कोई नुकसान होता है, तो उसे बनाने वाली कंपनी को सीधे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका के बदलते राजनीतिक परिदृश्य ने डेमोक्रेट्स को जांच करने और समन (subpoena) जारी करने का अधिकार दे दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रोग्रेसिव कॉकस (Progressive Caucus) के नेता ग्रेग कैसर ने जोर देकर कहा है कि टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को कांग्रेस के सामने पेश होना होगा और शपथ लेकर गवाही देनी होगी।

AI कंपनियों पर निगरानी बढ़ने वाली है

गौरतलब है कि डेमोक्रेट्स ने पहले ही OpenAI, एंथ्रोपिक (Anthropic), मेटा, गूगल और स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी कंपनियों से उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल और AI के अनपेक्षित व्यवहार (unintended behavior) के मामलों पर रिपोर्ट मांगी है। इससे साफ पता चलता है कि AI कंपनियों पर निगरानी बढ़ने वाली है। ट्रम्प द्वारा वीटो (veto) लगाए जाने की संभावना को देखते हुए भी एक रणनीति तैयार की जा रही है।

ये भी पढ़ें: Abdul El-Sayed: अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद की जीत के बाद चर्चा में कर्नाटक का भटकल, जानिए क्या है खास कनेक्शन

अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए AI को अपनाएं

यह ध्यान देने वाली बात है कि इन नए नियमों को लागू करना आसान नहीं होगा, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमेशा ही टेक्नोलॉजी सेक्टर पर किसी भी तरह के नियमन (regulation) का विरोध किया है। हाल ही में, ट्रम्प ने राज्यों को अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए AI को अपनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया था। इसे देखते हुए, डेमोक्रेट्स AI से जुड़े प्रावधानों को देश के महत्वपूर्ण कानूनों जैसे रक्षा या वार्षिक बजट बिल में शामिल करने की योजना बना रहे हैं, जिससे ट्रम्प के लिए इन्हें रोकना असंभव हो जाएगा।

Location :  New Delhi

Published :  8 November 2026, 1:05 PM IST