
इलाज के लिए बैंक पहुंचे बुजुर्ग की मौत (Img: Dynamite News)
Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के कल्यानपुर (मजरे ऐंधा) गांव में एक बुजुर्ग की बैंक परिसर में अचानक मौत हो गई। 62 वर्षीय राम खेलावन प्रजापति बुधवार को इलाज के लिए रुपये निकालने बैंक ऑफ बड़ौदा की हीरागंज शाखा पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 15 दिनों से बुखार से पीड़ित थे और डॉक्टर ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया था। बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों के मुताबिक, राम खेलावन प्रजापति पिछले 15 दिनों से तेज बुखार से परेशान थे। उनका इलाज लखपेड़ा क्षेत्र के एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। मंगलवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह देते हुए रेफर कर दिया था।
आगे के उपचार और दवाओं के खर्च के लिए रुपये की जरूरत थी। इसी वजह से राम खेलावन अपने दामाद रमाशंकर प्रजापति और बहू के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा की हीरागंज शाखा पहुंचे थे। परिवार को उम्मीद थी कि रुपये मिलने के बाद बुजुर्ग का बेहतर इलाज कराया जा सकेगा, लेकिन बैंक पहुंचते ही हालात अचानक बिगड़ गए।
बताया जा रहा है कि बैंक पहुंचने के कुछ ही देर बाद राम खेलावन की तबीयत अचानक गंभीर हो गई। जब तक साथ आए परिजन और वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अपने सामने परिवार के बुजुर्ग को खोने से दामाद और बहू बदहवास हो गए। बैंक में मौजूद लोगों के बीच भी घटना को लेकर शोक छा गया। हालांकि, मौत के सटीक चिकित्सकीय कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राम खेलावन के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक, उनकी पांच बेटियां हैं और इकलौते बेटे राकेश की करीब चार साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। परिवार अभी बेटे की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब घर के मुखिया राम खेलावन की भी मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत से उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद कल्यानपुर ऐंधा गांव में शोक का माहौल है।
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परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद रही। जिस बुजुर्ग को बेहतर इलाज दिलाने के लिए परिजन रुपये जुटाने निकले थे, उनकी बैंक परिसर में ही मौत हो गई। एक तरफ बीमारी से जूझ रहे परिवार के मुखिया को खोने का दुख है, तो दूसरी तरफ चार साल पहले इकलौते बेटे की मौत की पुरानी पीड़ा भी फिर ताजा हो गई है।
Location : Pratapgarh
Published : 14 October 2026, 1:59 PM IST