Farukhabad Farmers Meeting: बंद कमरे में बनी ऐसी रणनीति… क्या किसानों का अगला कदम बदल देगा पूरा सियासी समीकरण?

Farukhabad Farmers Meeting में विभिन्न किसान संगठनों ने संयुक्त समीक्षा बैठक कर किसानों की प्रमुख समस्याओं और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के गठन, एमएसपी, आवारा पशु, खाद-बीज की किल्लत और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 July 2026, 1:51 PM IST

फर्रुखाबाद: Farukhabad Farmers Meeting के तहत भारतीय किसान यूनियन बलराज के नेतृत्व में विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की समस्याओं, संयुक्त किसान मोर्चा के गठन और आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। किसान नेताओं ने एकजुट होकर किसानों की आवाज को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

संयुक्त किसान मोर्चा के गठन पर बनी सहमति

Farukhabad Farmers Meeting में भारतीय किसान यूनियन बलराज के नेता कुलदीप सिंह पवन ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी किसान संगठनों का एक मंच पर आना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के गठन को लेकर समीक्षा की गई और सभी जिलाध्यक्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक और बैठक आयोजित कर संयुक्त किसान मोर्चा का औपचारिक गठन किया जाएगा।

इन मुद्दों पर सबसे ज्यादा रही चर्चा

बैठक में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान, खाद और बीज की कमी, सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और किसानों के बकाया भुगतान जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। किसान नेताओं ने कहा कि इन समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं हुआ तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

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जिलाध्यक्षों ने रखीं अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं

Farukhabad Farmers Meeting के दौरान विभिन्न जिलों से आए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर की समस्याओं को साझा किया। कई नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है। बैठक में तय किया गया कि किसानों के मुद्दों को संगठित तरीके से शासन और प्रशासन के सामने रखा जाएगा।

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आगे की रणनीति पर नजर

बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन की नई रणनीति तैयार कर सकता है। फिलहाल सभी संगठनों को गांव-गांव तक किसानों को जोड़ने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है।

Location :  Farukhabad

Published :  26 July 2026, 1:43 PM IST