MCX पर शुक्रवार को सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसल गए। मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती से सोना करीब 3% और चांदी लगभग 4% टूटी। हालांकि, लंबी अवधि में दोनों धातुओं की मजबूती अब भी बरकरार मानी जा रही है।

सुबह सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट (Img Source: Google)
New Delhi: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) यानी MCX पर शुक्रवार सुबह सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बीते कारोबारी सत्र में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं के दामों पर पड़ा। MCX पर चांदी करीब 4 फीसदी तक फिसली, जबकि सोना लगभग 3 फीसदी टूटकर ₹1.78 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गया।
शुक्रवार को अप्रैल डिलीवरी वाला सोना MCX पर ₹1,80,499 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव ₹1,83,962 से करीब 1.88 फीसदी कम था। कारोबार के दौरान सोने में और गिरावट आई और यह ₹1,78,444 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोने ने ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।
चांदी में गिरावट और भी तेज देखने को मिली। MCX पर चांदी ₹3,83,898 प्रति किलो पर खुली, जबकि पिछला बंद भाव ₹3,99,893 था। ट्रेडिंग के दौरान चांदी ₹17,209 या करीब 4.30 फीसदी टूटकर ₹3,82,684 प्रति किलो तक पहुंच गई। गुरुवार को ही चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर बिकवाली बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 0.9 फीसदी गिरकर $5,346.42 प्रति औंस पर आ गया, जबकि एक दिन पहले यह $5,594.82 के रिकॉर्ड स्तर पर था। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी गिरकर $115.83 प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।
हालिया गिरावट के बावजूद, लंबे समय में सोना और चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। जनवरी महीने में अब तक सोने की कीमतों में 24 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है, जो जनवरी 1980 के बाद सबसे बड़ा मासिक उछाल माना जा रहा है। वहीं चांदी इस महीने करीब 62 फीसदी चढ़ चुकी है, जो इसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले से डॉलर इंडेक्स को हल्का सहारा मिला है। हालांकि डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते कमजोरी की ओर बढ़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद आई यह गिरावट तकनीकी करेक्शन हो सकती है, जबकि वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते सोना-चांदी की लंबी अवधि की मजबूती बनी रह सकती है।