
सोने का ताजा रेट
New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात का वैश्विक बाजारों पर असर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि यह बैठक यूक्रेन में संघर्ष विराम पर कोई ठोस नतीजा नहीं दे पाई, लेकिन इससे भू-राजनीतिक तनाव में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। इसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। आज यानी सोमवार, 18 अगस्त को भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब अंतरराष्ट्रीय तनाव घटता है, तो निवेशकों का झुकाव सोने जैसे सुरक्षित निवेश साधनों से हटने लगता है। इससे कीमतों में नरमी आने लगती है। यही रुझान आज के बाजार में भी देखने को मिला है।
आज 24 कैरेट सोना ₹1,02,000 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹92,740 प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है। चांदी भी ₹100 की गिरावट के साथ ₹1,16,100 प्रति किलो पर पहुंच गई है।
दिल्ली और जयपुर
24 कैरेट सोना- ₹1,01,330
22 कैरेट सोना- ₹92,900
अहमदाबाद और पटना
24 कैरेट सोना- ₹1,01,230
22 कैरेट सोना- ₹92,800
मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता
24 कैरेट सोना- ₹1,01,170
22 कैरेट सोना- ₹92,740
सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। सबसे पहले, डॉलर-रुपया विनिमय दर का इसमें अहम योगदान होता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर के मजबूत होने या रुपये के कमजोर होने पर भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
दूसरा बड़ा कारण है आयात शुल्क और टैक्स। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाला देश है। ऐसे में इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और राज्य स्तर पर लगने वाले टैक्स सीधे कीमतों को प्रभावित करते हैं।
तीसरा, वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक स्थिति भी सोने की कीमतों को प्रभावित करती है। जब युद्ध, मंदी या ब्याज दरों में बदलाव होता है तो लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ रुख करते हैं। इससे मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं।
भारत में सोने को सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है। शादियों, त्योहारों और खास मौकों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस कारण देश में सोने की मांग हमेशा बनी रहती है।
मुद्रास्फीति यानी महंगाई के दौर में भी लोग सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाते हैं क्योंकि यह लंबे समय में अच्छा रिटर्न देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव और कम होता है, तो सोने की कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, किसी प्रकार के निवेश से पहले विशेषज्ञों से सलाह अवश्य लें डाइनामाइट न्यूज़ किसी प्रकार के निवेश का सलाह नहीं देता है।
Location : New Delhi
Published : 18 August 2025, 11:35 AM IST