समूचे उत्तराखंड में बंद के आह्वान के बाद जिले में इसका असर देखने को मिला। क्षेत्रवासियों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए पूर्ण समर्थन किया। रुद्रप्रयाग बाजार के व्यापारियों ने एक सुर में पहाड़ की बेटी को न्याय दिलाने की मांग की।

रुद्रप्रयाग में दिखा उत्तराखंड बंद का असर
Rudraprayag: जनपद में रविवार को उत्तराखंड बंद का पूर्ण रूप से असर देखने को मिला। पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जनपद के सभी छोटे-बड़े और ग्रामीण बाजार पूरी तरह से बंद रहे। अंकिता हत्याकांड को लेकर क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है। इलाके वासियों ने पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की।
रुद्रप्रयाग में 11 बजे बाद व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद किया। जिन व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद किया वे पूर्ण रूप से अंकिता के लिए न्याय की मांग के लिए खड़े दिखे। जनपद के व्यापारियों ने कहा कि जैसे निर्भया हत्याकांड में दोषियों को सजा मिली वैसी ही सजा अंकिता हत्याकांड के दोषियों को मिलनी चाहिए।
रुद्रप्रयाग में दिखा उत्तराखंड बंद का असर
➡️जनपद के सभी छोटे-बड़े और ग्रामीण बाजार पूरी तरह से बंद
➡️पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर व्यापारी एकजुट#Rudraprayag #Uttarakhandbandh #AnkitaBhandari pic.twitter.com/UoVNkcG6ox— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 11, 2026
उन्होंने कहा कि पहाड़ की बेटी के साथ अन्याय हुआ है, उसे मारने वाले दोषियों को हर हाल में निर्भया हत्याकांड जैसी सजा होनी चाहिए। मौत की सजा मौत ही होनी चाहिए़। इसलिए दोषियों को हर हाल में फांसी होनी चाहिए़।
रुद्रप्रयाग में दिखा उत्तराखंड बंद का असर, व्यापारियों ने की ये मांग
➡️जनपद के सभी छोटे-बड़े और ग्रामीण बाजार पूरी तरह से बंद ➡️पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर व्यापारी एकजुट #Rudraprayag #Uttarakhandbandh #AnkitaBhandari pic.twitter.com/JS30vkTLEK— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 11, 2026
व्यापारी देवेंद्र चमोली, जीतार सिंह, राजेंद्र नौटियाल, नवीन पहाड़ी, अंकित राणा ने कहा कि पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए समस्त व्यापारी एकजुट हैं। वहीं सुबह से ही कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही बंद है। कहीं पर दुकानें बंद हैं। इसका प्रदेशभर में मिला जुला असर देखने को मिला।
गौरतलब है कि विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद किया है। सभी संगठनों ने एक स्वर में स्पष्ट किया है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।