देवभूमि उत्तराखंड की पहाड़ियां इन दिनों चांदी की तरह चमक रही हैं। प्रदेश के कई ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बारिश और बर्फबारी ने मौसम को पूरी तरह खुशनुमा बना दिया है। लेकिन बर्फबारी के कारण कई रास्ते भी जाम हो गए हैं जिन्हें आईटीबीपी सुचारु करने में लगी है।

रुद्रप्रयाग में बर्फबारी से जाम हुए रास्तों को सुचारू करती आईटीबीपी
Rudraprayag: जनपद के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बाधित हो गई। बर्फबारी के कारण कई मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई , जिससे पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों को असुविधा हो रही है।बाधित हुए सड़क मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वहीं बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरे खिले हुए हैं। वह पहाड़ों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए आ रहे हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार खड़पतिया-घिमतोली क्षेत्र के अन्तर्गत कनकचौरी (कार्तिक स्वामी) की ओर जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग अब यातायात के लिए पूरी तरह सुचारु कर दिया गया है। चौकी प्रभारी दुर्गाधार, श्री देवेन्द्र सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सड़क पर जमी बर्फ को हटाकर मार्ग को सुरक्षित बना दिया गया है।
बर्फबारी से रास्ते जाम को सुचारु करती आईटीबीपी
बता दें कि जनपद रुद्रप्रयाग की संपूर्ण केदारघाटी सहित बाबा केदारनाथ के धाम में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। जहाँ चारों ओर कई फीट बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है, वहीं इस हाड़ कपा देने वाली ठंड और विषम भौगोलिक परिस्थितियों में जनपद पुलिस रुद्रप्रयाग और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान बर्फ हटाने और रास्तों को सुचारु करने में लगे हैं।
देहरादून: डोईवाला में खुले घूम रहे सांड बने खतरा, महिला को पटका, देखिए वीडियो
केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान बर्फबारी के बावजूद मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। धाम की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए जवान बर्फ के बीच गश्त (पेट्रोलिंग) कर रहे हैं।
प्रतिकूल मौसम में भी अडिग - धाम में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर चुका है, लेकिन जवानों के मनोबल में कोई कमी नहीं आई है। बर्फबारी के कारण आवागमन के रास्तों पर जमा बर्फ को साफ करने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जवान निरंतर सहयोग कर रहे हैं।
यात्रियों से अपील है कि ऊँचाई वाले क्षेत्रों में पाला होने के कारण वाहन सावधानी से चलाएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें।