नैनीताल का चमत्कारी पाषाण देवी मंदिर, जहां जल से दूर होते हैं रोग और कष्ट

नैनीताल का पाषाण देवी मंदिर अपनी प्राचीन आस्था और चमत्कारी जल के लिए प्रसिद्ध है। श्रद्धालु मानते हैं कि यहां मिलने वाला जल हर कष्ट से मुक्ति दिलाता है और इसी वजह से दूर-दराज से लोग यहां आस्था के साथ पहुंचते हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 14 September 2025, 6:05 AM IST
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Nainital: नैनीताल की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा पाषाण देवी मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि लोगों की उम्मीदों का सहारा भी है। यहां की मान्यताओं से जुड़ी कहानियां हर उस व्यक्ति को आकर्षित करती हैं जो अपने रोगों से मुक्ति पाना चाहता है। मंदिर की खासियत यह है कि यहां देवी मां की मूर्ति किसी ने स्थापित नहीं की, बल्कि यह स्वयं चट्टान पर उभरी है। इसी वजह से इसे पाषाण देवी कहा जाता है और यह नैनीताल का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है।

मंदिर के जल की खासियत

कहा जाता है कि इस मंदिर से मिलने वाला जल साधारण नहीं, बल्कि अभिमंत्रित होता है। इस जल की मान्यता ऐसी है कि इससे स्नान करने या इसे पीने से गंभीर चर्म रोगों से छुटकारा मिलता है। लोग इसे वाणी से जुड़ी समस्याओं जैसे हकलाहट में भी लाभकारी मानते हैं। इतना ही नहीं श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस जल के प्रयोग से हाथ पैरों और जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है।

जल से होता है हर कष्ट दूर

मंदिर के पुजारी हर दस दिन पर देवी की पिण्डियों को शंख से निकाले गए जल से स्नान कराते हैं। इस प्रक्रिया के बाद वही जल भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था को देखते हुए अब यह जल महीने में तीन बार निकाला जाने लगा है। भक्त इसे घर ले जाकर पीने के पानी में मिलाते हैं या स्नान करते समय इस्तेमाल करते हैं और विश्वास करते हैं कि यह हर प्रकार के रोग से रक्षा करता है।

मंदिर में अनेक शक्तियां

पाषाण देवी मंदिर तक पहुंचना भी आसान है। यह तल्लीताल बस अड्डे से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहां पैदल या रिक्शे से जाया जा सकता है। दूर-दराज से लोग सिर्फ इस विश्वास के साथ आते हैं कि देवी मां का यह पवित्र जल उन्हें रोगों से मुक्ति दिलाएगा और जीवन में नई ऊर्जा भरेगा।

मंदिर बना विश्वास का प्रतीक

गांव से लेकर शहर तक इस मंदिर की ख्याति फैल चुकी है और कई लोग अपने अनुभव साझा करते हैं कि कैसे इस जल से उन्हें राहत मिली। यही वजह है कि पाषाण देवी मंदिर आज भी आस्था और विश्वास का प्रतीक बना हुआ है।

Location : 
  • Nainital

Published : 
  • 14 September 2025, 6:05 AM IST