राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए सतर्कता विभाग ने नैनीताल जिला कोषागार में बड़ी कार्रवाई की गई है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

मुख्य कोषाधिकारी और अकाउंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
नैनीताल : राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए सतर्कता विभाग ने नैनीताल जिला कोषागार में पदस्थ मुख्य कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा और सहायक अकाउंटेंट बसंत कुमार जोशी को ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार, 9 मई को कोषागार कार्यालय में की गई, जिससे सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गहरी चोट पहुंची है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, सतर्कता विभाग के अनुसार, शिकायतकर्ता नैनीताल न्यायालय में कार्यरत हैं। उन्होंने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी और उनके पांच सहकर्मियों की एसीपी (Assured Career Progression) प्रक्रिया की फाइल जानबूझकर मुख्य कोषाधिकारी द्वारा लंबित रखी जा रही थी। इस प्रक्रिया के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में से दो पहले ही फाइल पर हस्ताक्षर कर चुके थे, लेकिन मुख्य कोषाधिकारी दस्तखत नहीं कर रहे थे और फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहे थे।
शिकायतकर्ता जब स्थिति स्पष्ट करने कोषागार कार्यालय पहुंचे, तो सहायक अकाउंटेंट बसंत कुमार जोशी ने बताया कि मुख्य कोषाधिकारी ने प्रत्येक कर्मचारी से ₹50,000 की रिश्वत की मांग की है। इस प्रकार कुल ₹1.20 लाख की अवैध मांग की गई।
सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की प्राथमिक जांच की और आरोपों को सत्य पाया। इसके बाद एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। निर्धारित योजना के अनुसार गुरुवार को टीम ने कोषागार कार्यालय में छापा मारा और दोनों अधिकारियों को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई है।
इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने इस प्रभावशाली कार्रवाई के लिए ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह घटना सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक सशक्त और स्पष्ट संदेश है कि अब भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।