यूपी एसटीएफ ने किया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 7 महिलाओं सहित 18 गिरफ्तार

डीएन संवाददाता

यूपी एसटीएफ ने फिर एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 7 महिलाओं समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोग एक ई-कॉसर्स कंपनी के उपभोक्ताओं को लकी ड्रा के नाम पर इनाम देने का लालच देकर जाल में फंसाते थे।

यूपी एसटीएफ (फाइल फोटो)
यूपी एसटीएफ (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के चीफ अमिताभ यश के निर्देशों पर उनकी टीम ने ई-कॉमर्स कंपनी मिन्त्रा डॉट कॉम पोर्टल के उपभोक्ताओं के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। एसटीएफ ने आर्थिक धोखाधड़ी के इस मामले में 7 महिलाओं समेत 18 अभियुक्तों को द्वारका से गिरफ्तार किया है। इस धोखाधड़ी के लिये यहां एक कॉल सेंटर खोला गया था।  

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7139 शिकायतें, 590 उपभोक्ताओं से लाखों की ठगी

आनलाइन कंपनी मिन्त्रा डॉट कॉम पोर्टल के नेशनल नोडल सिक्योरिटी अफसर ने यूपी एसटीएफ से शिकायत दर्ज की थी कि एक गैंग उनके उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनसे धोखाधड़ी कर रहा है। शिकायत के बाद एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद चतुर्वेदी को इस मामले की जांच सौंपी। मिन्त्रा के टोल फ्री नंबर पर इस तरह की करीब 7139 शिकायतें आईं थी, जिनमें 590 उपभोक्ताओं से 31 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की जा चुकी थी। 

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लकी ड्रा के नाम पर इनाम का लालच

जांच में एसटीएफ को पता चला कि बाकायदा कॉल सेंटर बनाकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इसके बाद एसटीएफ ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से द्वारका स्थित काल सेंटर पर रेड की और यहां से 18 लोगों को गिरफ्तार किया। यह गैंग मिन्त्रा से शॉपिंग करने वाले उपभोक्ताओं को कॉल कर सूचित करता था कि उनका मोबाइल नंबर या नाम लकी ड्रा में निकला है। उपभोक्ताओं को लकी ड्रा के नाम पर इनाम का लालच दिया जाता था और इस इनाम को पाने के लिये रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, कोरियर आदि खर्चों के नाम पर अलग-अलग खातों में अलग-अलग तरीकों से पैसा जमा करवाया जाता था। 

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26 मोबाइल और 280 पेज मिन्त्रा का डेटा

एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार लोगों के कब्जे से 26 मोबाइल, 280 पेज मिन्त्रा का डेटा और कई बैंकों के खातों की डिटेल बरामद की। इनमे से कुछ डेटा अमेजॉन कंपनी का भी है।

3 साल से धोखाधड़ी

कॉल सेंटर का संचालन योगेंद्र चौधरी और उसके भाई संदीप चौधरी द्वारा किया जाता था। दोनों आरोपी मूल रूप से मथुरा के रहने वाले हैं और फिलहाल फरार हैं। एसटीएफ उनकी तलाश में जुट गयी है। कॉल सेंटर के मैनेजर रत्नेश गुप्ता ने बताया कि कॉल सेंटर पर आइडिया मनी या पेटीएम खातों से पैसा जमा कराया जाता था और ई-वॉलेट से पैसा अन्य खातों में ट्रांसफर होता था। धोखाधड़ी का यह काम पिछले करीब 3 सालों से किया जा रहा था। अमेजन का डेटा भी बरामद किया है, जिसकी जांच की जा रही है।

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गिरफ्तार आरोपियों के नाम

गिरफ्तार आरोपियों में रत्नेश गुप्ता, आबिद अली, रितिक उर्फ संजू, उधम बालियान, आशुतोष, गुलफराज आलम, शुभम, राहुल पुत्र जोगिंदर, आलम खान, कमल, राहुल पुत्र प्रेमलाल, लावज्योत, मंजू, ऊषा, खुशी, नीलम, मुस्कान और अमृता कुमारी शामिल है। इनमे से 14 आरोपी ग्राहकों को कॉलिंग कर धोखाधड़ी के जाल में फंसाते थे। गिऱफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। 

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