
नई दिल्ली: वित्त बजट 2018-19 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नौकरी-पेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। साथ ही सरकार ने कस्टम ड्यूटी भी बढ़ा दी है। टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रुपए ही होगी। जबकि टैक्स बचाने की सीमा 1.50 लाख रुपए ही होगी।
बजट में बड़ी और 250 करोड़ सेअधिक का टर्न ओवर करने वाली कंपनियों को 25 फीसदी टैक्स देने होगा।
इस बजट से आम जनता समेत नौकरी-पेशा लोगों को काफी उम्मीदें थी। माना जा रहा था कि सरकार मौजूदा टैक्स की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर सकती है।यदि ऐसा होता तो 3 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।
यद्यपि वित्त मंत्री ने घोषणा की कि इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत 40 हजार रुपये की छूट मिलेगी। डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 हजार रुपये से बढ़कर 50 हजार करने का भी घोषणा की गई। लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से वेतनभोगी लोग काफी निराश है।
Published : 1 February 2018, 1:10 PM IST