
जोशीमठ: उत्तराखंड जोशीमठ भू-धंसाव आपदा से रक्षा की प्रार्थना करते हुए रविवार को यहां के प्रसिद्ध नृसिंह मंदिर में भगवान विष्णु तथा अन्य देवी-देवताओं की विशेष पूजा अर्चना की गई।
नृसिंह मंदिर भगवान बद्रीनाथ का शीतकालीन प्रवास स्थल है। सर्दियों में बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद अगले छह माह उनकी पूजा इसी मंदिर में की जाती है। यहां अनेक देवी-देवताओं के भी मंदिर हैं।
जोशीमठ के निवासियों की ओर से इस आपदा से रक्षा के लिए भगवान बद्रीविशाल समेत सभी देवी- देवताओं की पूजा की गई।
नगर की रक्षा की कामना लेकर नृसिंह मंदिर में यज्ञ और विशेष पूजा अर्चना की अगुवाई करने वाले बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व धर्माधिकारी पंडित भुवन उनियाल ने बताया कि मंदिर में भगवान से नगर पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की गयी।
पिछले कई दिनों से जोशीमठ में भू-धंसाव हो रहा है और जमीनों तथा भवनों में दरारें पड़ रही हैं जिसके चलते यहां से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
Published : 15 January 2023, 4:59 PM IST
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