Milk and Cancer Risk: दूध से कैंसर का खतरा? जानिए स्टडी में क्या हुआ चौंकाने वाला खुलासा

एक हालिया स्टडी में सामने आया है कि दूध से कैंसर का खतरा हो सकता है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 18 March 2025, 7:57 PM IST

नई दिल्ली: आज के समय में लोग हेल्दी रहने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं, कुछ लोग सोशल मीडिया से भी इन्फ्लुएंस होकर अपनी डाइट में बदलाव करते हैं, उन्हीं में से एक है डेयरी मिल्क की जगह प्लांट बेस्ट मिल्क का इस्तेमाल करना। 

प्लांट बेस्ड मिल्क यानी बादाम, सोया, ओट्स और नारियल के दूध का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन हालिया स्टडी में दावा किया गया कि इस तरह के दूध से कैंसर का खतरा हो सकता है। 

शुगर की मात्रा ज्यादा 

अमेरिकन सोसायटी फॉर न्यूट्रिशन ने एक स्टडी जारी की है, जिसके अनुसार, बाजार में मिलने वाले एक तिहाई प्लांट-बेस्ड मिल्क में स्ट्रॉबेरी और चॉकलेट मिल्क से कही ज्यादा शुगर यानी चीनी की मात्रा होती है। 

आंतों को होता है नुकसान

इसके अलावा पौधों से बने पैकेट वाले दूध में एडिटिव्स जैसे कार्बोक्सीमिथाइलसेलुलोज (CMC), जिलेटिन, व्हे प्रोटीन और जैंथम गम जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो आंतों के बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाते हैं। इन एडिटिव्स के कारण पेट में हल्की सूजन होने लगती है, जो धीरे-धीरे कोलन कैंसर का रूप ले सकती है। यह सूजन कोलन लाइनिंग में सुरक्षा देने वाली कोशिकाओं को मार सकती है, जिससे कैंसर कोशिकाओं का जन्म और विकास होता है। 

क्या है कोलन कैंसर?

कोलन कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, जो बड़ी आंत (कोलन) में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। कोलन पाचन तंत्र का एक हिस्सा है जो भोजन से पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और पोषक तत्वों को अवशोषित करता है। 

क्या हैं कोलन कैंसर के लक्षण?

शुरुआती चरणों में कोलन कैंसर के कोई लक्षण नहीं हो सकते हैं। जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, इसके लक्षण पेट दर्द, मल में खून, कब्ज, थकान और वजन में कमी हो सकती है।

कोलन कैंसर से बचाव 

कोलन कैंसर से बचने के लिए डॉक्टर से नियमित जांच करवाते रहें, हेल्दी डायट अपनाएं और एक्सरसाइज करते रहें, जिससे कोलन कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।  

Published :  18 March 2025, 7:57 PM IST