
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के सियासी संकट के बीच राज्यपाल द्वारा कल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आदेश जारी किया गया है। राज्यपाल द्वारा फ्लोर टेस्ट के आदेश देने वाले ऑर्डर के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। चीफ ह्विप सुनील प्रभु ने यह याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। खबर लिखे जाने के समय तक कोर्ट में सुनवाई जारी थी। जानिये खबर लिखे जाने तक के वक्त का अपडेट।
शिवसेना की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा। बागी नेता शिंदे गुट की तरफ से कोर्ट में नीरज किशन कौल अपनी दलीलें दी।
सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि उन्हें आज ही फ्लोर टेस्ट को लेकर जानकारी मिली है। जब तक विधायकों का सत्यापन नहीं हो जाता, फ्लोर टेस्ट नहीं किया जा सकता है।
शिंदे गुट के वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि फ्लोर टेस्ट करवाना राज्यपाल का संवैधानिक अधिकार है। सरकार फ्लोर टेस्ट से क्यों डर रही है। कैबिनेट की वैधता फ्लौर टेस्ट से ही सुनिश्चिचित की जा सकती है। विधायकों का अयोग्यता अलग मामला है और फ्लोर टेस्ट अलग।
बता दें कि चीफ ह्विप सुनील प्रभु ने अपनी अर्जी में फ्लोर टेस्ट से पहले शिवसेना विधायकों की सदस्यता के मामले का निपटारा करने की मांग की है। अर्जी में कहा गया है कि विधायकों को अयोग्य ठहराने का मामला अभी पेंडिंग है।
Published : 29 June 2022, 7:55 PM IST
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