
दरभंगा: शारदीय नवरात्र के बाद मिथिलांचलवासी नवविवाहितों के लिए खासा महत्व रखने वाले लोक पर्व कोजागरा को लेकर हर तरफ धूम है। लोकमान्यता है कि आश्विन पूर्णिमा की रात्रि में पूनम की चांद से अमृत की वर्षा होती है और जो जागता है, वही अमृत का पान भी करता है।
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खासकर नवविवाहित वर अपने विवाह के पहले वर्ष में इस अमृत का पान करें तो उनका दाम्पत्य जीवन सुखद बना रहता है।इसी कामना को लेकर यह लोक पर्व मिथिला में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। कोजागरा पर्व को लेकर बाजारों में हलचल देखी जा रही है। लोक पर्व कोजागरा अर्थात को-जागृति। कोजागरा के रात्रि जगने वाले व्यक्ति अमृत पान के भागी होते हैं।
Published : 22 October 2018, 7:30 PM IST