
नई दिल्ली: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंजाब सरकार की तर्ज पर ही राजस्थान कांग्रेस सरकार द्वारा मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने की घोषणा की है। सीएम गहलोत ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों से जुड़े जो तीन कानून लेकर आयी है, उनके खिलाफ राज्य विधान सभा में शीघ्र विधेयक लाए जाएंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार भी केंद्र द्वारा हाल ही में पारित कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ विधेयक लाने के लिए जल्द ही राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। राज्य मंत्री परिषद की मंगलवार शाम को हुई बैठक में यह फैसला किया गया।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में मंगलवार को एक ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा, 'आज पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इन कानूनों के विरुद्ध विधेयक पारित किए हैं और राजस्थान भी शीघ्र ऐसा ही करेगा।'
मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केन्द्र सरकार के किसानों से सम्बन्धित विषयों पर बनाए गए तीन नए कानूनों से राज्य के किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई। मंत्री परिषद ने राज्य के किसानों के हित में यह निर्णय किया कि किसानों के हितों को संरक्षित करने के लिए शीघ्र ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए।
गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा में कल मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मौके पर विधान सभा में केंद्र के तीन कृषि कानूनों की भी आलोचना की।
पंजाब सरकार द्वारा विधान सभा में पास किये गये प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि किसी किसान को MSP से नीचे फसल देने पर मजबूर किया जाता है, तो ऐसा करने वाले को तीन साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही अगर किसी कंपनी या व्यक्ति द्वारा किसानों पर जमीन, फसल देने के लिये दबाव बनाया जाता है तो ऐसे व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उसे जेल भेजा जा सकता है।
Published : 21 October 2020, 9:07 AM IST
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