दिल्ली में उन्नाव रेप केस के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन हुआ। हजारों समर्थक सेंगर की रिहाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, पीड़िता ने चरित्र हनन और भ्रामक प्रचार के खिलाफ आवाज उठाई।

दिल्ली में जंतर-मंतर पर कुलदीप सेंगर के समर्थन में विशाल न्याय महापंचायत
New Delhi: दिल्ली में उन्नाव रेप केस को लेकर एक बार फिर से राजनीति और संवेदनशील सामाजिक मुद्दा गर्मा गया। पूर्व भाजपा विधायक और चार बार के सांसद कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में रविवार को जंतर-मंतर पर न्याय महापंचायत हुई। हजारों लोग, जिनमें यूपी समेत कई राज्यों से आए लोग शामिल थे, सेंगर की रिहाई और मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। वहीं, पीड़िता ने सोशल मीडिया पर विरोध जताते हुए कहा कि उनके खिलाफ चल रही चरित्र हनन की साजिश न्याय की लड़ाई को प्रभावित नहीं कर सकती।
जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन
सेंगर की बेटी और सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऐश्वर्या सिंह की अपील पर प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग पहुंचे। प्रदर्शनकारी ‘कुलदीप सेंगर को न्याय दो’ और ‘न्याय करो’ जैसे नारे लगाते रहे। यूपी से आए कई समर्थकों के साथ क्षत्रिय करणी सेना का बैनर भी नजर आया। लोग आरोप लगा रहे थे कि सेंगर को राजनीतिक द्वेष के तहत फंसाया गया और उनके खिलाफ झूठे मामले बनाए गए।
पीड़िता ने जताई नाराजगी
इस दौरान उन्नाव रेप पीड़िता ने ऐश्वर्या सेंगर और उनकी बहन के खिलाफ चरित्र हनन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार द्वारा सोशल मीडिया और धरनों के माध्यम से जानबूझकर उनकी इज्जत खराब करने की कोशिश की जा रही है। पीड़िता ने साफ कहा कि उनका मकसद सिर्फ न्याय की लड़ाई है, और वह अपने संघर्ष में पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी पहचान उजागर न की जाए और भ्रामक प्रचार से दूरी बनाई जाए।
सेंगर समर्थकों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने न्यायपालिका से सेंगर के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोप लगाने वालों की निष्पक्ष जांच हो और झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऐश्वर्या सिंह ने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की आवाज उठाना उनका उद्देश्य है।
पिछले घटनाक्रम का संदर्भ
29 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर को सशर्त जमानत मिलने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। 23 दिसंबर को पीड़िता, उनकी मां और एक्टिविस्ट योगिता भयाना इंडिया गेट पर धरने पर बैठी थीं। पीड़िता ने पहले भी कहा था कि उनकी लड़ाई केवल न्याय की है और उनके खिलाफ चल रहे भ्रामक प्रचार को वह बर्दाश्त नहीं करेंगी।