भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 19 जनवरी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही संगठन के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी
New Delhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 19 जनवरी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। पार्टी ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही संगठन के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
पार्टी द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 16 जनवरी को निर्वाचक मंडल के मतदाताओं की सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो 20 जनवरी (मंगलवार) को मतदान कराया जाएगा। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चुनाव की नौबत आने की संभावना बेहद कम है।
भाजपा के वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के इकलौते उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने की पूरी संभावना है। ऐसे में 19 जनवरी को ही उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जा सकती है। बताया जा रहा है कि नितिन नबीन के नामांकन पत्र के प्रस्तावक के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मौजूदा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा हो सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी के 'संगठन पर्व' के अंतर्गत राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण जी द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा।
निर्वाचन की प्रक्रिया 19 जनवरी से शुरू होकर 20 जनवरी 2026 तक पूर्ण होगी। pic.twitter.com/okmljzwzED
— BJP (@BJP4India) January 16, 2026
45 वर्षीय नितिन नबीन को पार्टी की कमान सौंपकर भाजपा एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत करना चाहती है। इससे पहले भाजपा ने 75 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में शामिल कर यह स्पष्ट संदेश दिया था कि संगठन में नेतृत्व परिवर्तन एक तय प्रक्रिया है और एक उम्र के बाद नेतृत्व की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी को सौंपी जाएगी।
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर एक सामान्य कार्यकर्ता और विधायक से शुरू हुआ है। उन्हें अध्यक्ष बनाकर भाजपा अपने युवा कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहती है कि संगठन में मेहनत और समर्पण के बल पर कोई भी कार्यकर्ता पार्टी के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
भाजपा के इस कदम से देश के अन्य राजनीतिक दलों पर भी नैतिक दबाव बनने की संभावना है। कई दलों में आज भी अध्यक्ष पद पारिवारिक परंपरा के तहत तय होता है, वहीं कई पार्टियों के अध्यक्षों की उम्र 70 से 80 वर्ष के बीच है। इसके उलट, भाजपा एक युवा नेता को शीर्ष पद देकर यह संकेत दे रही है कि युवाओं के देश भारत की राजनीति की कमान भी युवाओं के हाथों में होनी चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष को लेकर बड़ा अपडेट, 19 जनवरी को होगा नामांकन, जानिये पूरी डिटेल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में भाजपा की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट संकेत है, जिसमें युवा नेतृत्व को केंद्र में रखा जाएगा।