2 जनवरी को सोने की कीमतों में तेजी लौट आई है, जबकि चांदी में गिरावट बनी हुई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,35,220 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

सोने के बढ़े दाम (img: Google)
New Delhi: नए साल की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है, जबकि चांदी में गिरावट का सिलसिला जारी है। 2 जनवरी की सुबह देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोने के भाव बढ़े हुए नजर आए। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,35,220 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 1,35,070 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें स्थिर मजबूती के साथ कारोबार कर रही हैं। हाजिर सोना 4,310.89 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में वैश्विक सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, लेकिन निवेशकों का रुझान अब भी सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बना हुआ है।
साल 2025 के दौरान सोने की कीमतों में करीब 73.45 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई है। आर्थिक अनिश्चितता, वैश्विक तनाव और महंगाई के दबाव के चलते निवेशकों ने सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में चुना। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में भी सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
जहां सोना मजबूती दिखा रहा है, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। 2 जनवरी को चांदी की कीमत घटकर 2,37,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। हालांकि, सालाना आधार पर चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है और इसमें लगभग 164 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की मजबूत औद्योगिक मांग, सुरक्षित निवेश के लिए बढ़ती खरीदारी और वैश्विक आपूर्ति में कमी इसकी कीमतों को सहारा दे रही है। इसके अलावा, चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर लगाए गए नए नियंत्रण से अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में घरेलू और वैश्विक आर्थिक कारक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते रहेंगे। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की चाल और विशेषज्ञ सलाह पर नजर रखना जरूरी है।