MCX सोने की कीमतें तेज़ी से नीचे खुलीं और ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के अहम लेवल से नीचे फिसल गईं, जबकि कमज़ोर इन्वेस्टर सेंटिमेंट के बीच चांदी की कीमतों में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई।

सोना की चमक हुई फीकी (Img Source: Google)
New Delhi: कमोडिटी बाजार में आज जबरदस्त वोलैटिलिटी देखने को मिली। सोमवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट जारी रही। घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोना और चांदी कमजोर रुख के साथ खुले। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
सोमवार को MCX पर सोना 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव 1,47,753 रुपये से करीब 1.18 फीसदी नीचे रहा। कारोबार के दौरान सोने में और कमजोरी देखने को मिली।
सोने की कीमत 1,253 रुपये यानी 0.85 फीसदी टूटकर 1,46,500 रुपये तक फिसली, जबकि दिन के निचले स्तर पर यह 1,43,501 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
चांदी की बात करें तो यह भी दबाव में नजर आई। MCX पर चांदी 2,67,501 रुपये प्रति किलो पर खुली, जो करीब 0.69 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है। कारोबार के दौरान चांदी 8,671 रुपये यानी 3.26 फीसदी टूटकर 2,56,981 रुपये तक आ गई। दिन के निचले स्तर पर चांदी ने 2,55,652 रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी कई हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। स्पॉट गोल्ड 3.3 फीसदी की गिरावट के साथ 4,703.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3 फीसदी गिरकर 4,729.20 डॉलर प्रति औंस पर रहे।
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स्पॉट सिल्वर में और भी तेज गिरावट देखने को मिली। यह 5 फीसदी टूटकर 80.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को चांदी ने 121.64 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई बनाया था।
कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ने की एक बड़ी वजह CME Group का फैसला भी माना जा रहा है। CME ग्रुप ने मेटल फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने का ऐलान किया है, जो सोमवार के बाजार बंद होने के बाद लागू होगा। इस खबर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
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विश्लेषकों के मुताबिक, निकट भविष्य में सोना और चांदी कमजोर दायरे में बने रह सकते हैं। मजबूत डॉलर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ऊंचे स्तरों से मुनाफावसूली के चलते बुलियन बाजार दबाव में है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और खरीदारी से पहले बाजार में स्थिरता के संकेतों का इंतजार करना बेहतर होगा। आने वाले सत्रों में सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।