हिंदी
सिसवा (महराजगंज): केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों तक स्वच्छ भारत अभियान प्रमुख मुद्दा है। मामले में कई गांवों से लेकर जिलों तक को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। महराजगंज के सिसवा ब्लॉक के बीजापार का मामला ले लें, इस गांव को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। जबकि शौचालयों की हालत को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि यह स्वच्छता की चमक केवल सरकारी दस्तावेजों में ही है।
यह भी पढ़ें: ‘डाइनामाइट न्यूज़ यूपीएससी कॉन्क्लेव 2019’: आईएएस परीक्षा से जुड़ा सबसे बड़ा महाकुंभ

वहीं कमोबेश यही हालत पूरे प्रदेश में स्वच्छता अभियान और ODF (Open defecation free) की है। महराजगंज की बीजापार ग्रामसभा को सरकारी दस्तावेजों में ODF घोषित कर दिया गया है। हालांकि यहां के पांडेय टोला समेत कई घरों के शौचालय आधे अधूरे बने पड़े हैं। गांव के लोगों का कहना है कि शौचालयों को मानक के अनुसार नहीं बनवाया गया है।

यह भी पढ़ें: BJP नेता पर फायरिंग मामले ने Police ने आधा दर्जन लड़कों को उठाया, मचा हड़कंप
हर स्तर पर भ्रष्टाचार, न जांच न कार्रवाई
गांव के ही अंशुमान पांडेय ने बताया कि पूरे ग्राम सभा में हर स्तर पर भ्रष्टाचार चरम पर है। गांव को बिना किसी जांच परख के बिना ही ODF घोषित कर दिया गया है। हालांकि यह बात अलग है कि पूरे गांव में एक भी शौचालय पूर्ण नहीं हैं।
जितनी योजनाएं उतना गोलमाल
गांव वाले आगे बताते हैं कि इसके अलावा सड़क, हैण्डपम्प, मनरेगा आदि में भी लाखों रुपए का गोलमाल किया गया है। इन सभी माामलों की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी सहित तमाम उच्चाधिकारियों से की गई है लेकिन आज तक न जांच पड़ताल हुई है और न ही एक का भी पूरा समाधान नहीं हुआ है।
Published : 3 August 2019, 1:16 PM IST
Topics : Clean India Movement Maharajganj open defecation free Toilets uttar pradesh उत्तर प्रदेश ओडीएफ महराजगंज शौचालय स्वच्छता अभियान