
नयी दिल्ली: बिजली क्षेत्र के कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटीएंडसी) नुकसान को कम करने के लिए त्रिपुरा सरकार ने राज्य में बिजली पारेषण के लिए एक अलग इकाई का गठन किया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।
राज्य के बिजली सचिव बृजेश पांडेय ने यहां पीटीआई-भाषा को बताया कि त्रिपुरा राज्य बिजली निगम लि. (टीएसईसीएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी के रूप में त्रिपुरा राज्य बिजली पारेषण लि. (टीपीटीएल) का गठन किया गया है।
यह अधिकारी उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे जिसने पूर्वोत्तर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए एनटीपीसी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए हाल ही में नयी दिल्ली की यात्रा की थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘टीएसईसीएल से अलग पारेषण खंड बनाना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, यह सरकार और विभिन्न हितधारकों के समर्थन से संभव हो पाया।’’
अबतक टीएसईसीएल त्रिपुरा में बिजली के उत्पादन, वितरण और पारेषण के लिए जिम्मेदार थी।
अधिकारी ने कहा कि बिजली के अंतर-राज्य परिवहन के लिए एक प्रतिबद्ध इकाई से एटीएंडसी घाटे को कम करने में मदद करेगी, जो वित्त वर्ष 2021-22 में 31.7 प्रतिशत था।
उन्होंने कहा कि इसे वित्त वर्ष 2022--23 में घटाकर 28 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है। नई इकाई को ओटीपीसी, नीपको, और अगरतला स्थित टीएसईसीएल द्वारा उत्पादित बिजली राष्ट्रीय ग्रिड से पूरे त्रिपुरा में आपूर्ति के लिए प्राप्त होगी। टीपीटीएल 14 जनवरी, 2023 से परिचालन में आई है।
Published : 22 January 2023, 1:01 PM IST
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