मौसम ने बदला रूख, बूंदा-बांदी से फसलों को मिली संजीवनी, किसानों के चेहरे पर लौटी खुशिहाली

शनिवार की भोर में हुई बूंदाबांदी से गेहूं व तलहन, तिलहन सहित सब्जियों की खेती को संजीवनी मिली है। इससे किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है। डाइनामाइट न्यूज़ पर पढ़िये मौसम का फसलों पर असर

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 4 February 2023, 5:09 PM IST

महराजगंजः माघी पूर्णिमा के पूर्व संध्या के मौके पर शनिवार को अचानक मौसम का तेवर बदला और भोर में बूंदा-बादी शुरू हो गई। इससे जहां गेहूं के फसल को फायदा हुआ है। वहीं दलहन, तिलहन व सब्जियों की खेती पर संजीवनी साबित हो रहा है।

गेहूं के फसल के 70 दिन का सफर पूरा 
कृषि जानकारों ने बताया कि गेहूं का सफर पूरा हुए करीब 70 दिन गुजर गए। गेहूं का दूसरा स्टेज चल रहा है। टेलरिंग स्टेज में गेहूं की फसल को बूंदाबांदी ने ग्रोथ को बढ़ावा दिया है। इससे उनके पौधों में तेजी से कल्ले निकलंगे। दलहन व तिलहन के फसलों को काफी लाभ मिलेगा। 

सब्जियों के पौधो में तेजी से आएंगे फूल 
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार कड़ाके ठंड से सब्जियों
 के पौधे मुरझा गए थे। उनमें फूल लगने बंद हो गए थे। खेतों में सब्जियों के पौधे बेदरंग दिखने लगे थे। अचानक मौसम में आए परिवर्तन और बूंदाबांदी ने सब्जियों के पौधों में जान फूक दिया है। इससे एक बार फिर सब्जियों  के पौधो में फूल और फल तेजी से आएंगे। 

क्या बोले कृषि विशेषज्ञ 
कृषि वैज्ञानिक डाक्टर आरपी रघुवंशी ने बताया कि काफी दिनों से पड़ रही ठंड से फसलें प्रभावित हो गई थी। जिससे गेहूं के पौघे हो रहे थे। ऐसे में शनिवार की बूंदाबांदी ने गेहूं के पौधों का रंग बदल दिया है। अब तेजी से उसकी बढ़वार होगी और बालियां भी निकलनी शुरू हो जाएंगी।

Published : 
  • 4 February 2023, 5:09 PM IST

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