
नई दिल्ली: ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ खिलाने वाली विदेशी कंपनियों द्वारा जीएसटी कानून के उल्लंघन की जानकारी कर अधिकारियों को मिली है। ये कंपनियां भारतीय नागरिकों को मोबाइल ऐप के जरिये इस तरह की सेवाएं मुहैया करा रही हैं।
सूत्र ने कहा कि कर अधिकारी इस तरह की चोरी से निपटने के तरीकों पर काम कर रहे हैं।
तय प्रक्रिया के अनुसार, भारत में सेवाएं देने वाली सभी विदेशी कंपनियों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून के तहत पंजीकरण करना आवश्यक है। यह पंजीकरण ओआईडीएआर (ऑनलाइन सूचना भंडार पहुंच एवं पुनर्प्राप्ति) सेवाओं के आपूर्तिकर्ता के रूप में किया जाता है।
सूत्र के अनुसार, देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के लिए मंच मुहैया करने वाली कई विदेशी कंपनियां ऐसी हैं, जो जीएसटी के तहत पंजीकृत नहीं हैं और इसलिए वे कर का भुगतान नहीं कर रही हैं।
सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हालांकि, भारत में ऑनलाइन शिक्षा संबंधी सेवाएं देने वाली कई विदेशी शैक्षणिक संस्थाएं ओआईडीएआर के रूप में पंजीकृत हैं, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और जुए के लिए मंच मुहैया कराने वाली कंपनियां जीएसटी के तहत पंजीकृत नहीं हैं। हम ऐसे मामलों पर विचार कर रहे हैं और उन्हें जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद है।’’
Published : 24 April 2023, 5:24 PM IST