Uttar Pradesh: यहां आज भी बरकरार है सालों पुरानी दही-जूड़ा से जुड़ी ये परंपरा

डीएन ब्यूरो

आज भी देवरिया की सकरी गलियों में एक दही हट्ट हैं, जिस्में आधे दर्जन के लगभग दुकानों पर रोजाना दोपहर में लोग खास कारण से आते हैं। इन दुकानों में पारंपरिक तरीके से दही को जमाया जाता है। जानिए क्या है इन दुकानों की खास बातें, डाइनामाइट न्यूज़ पर..


देवरियाः करीब 50 -60 सालों जनपद देवरिया मुख्यालय पर व्यस्त बाजार सब्जी मंडी की सकरी गलियों में एक दही हट्ट है, जिसमें दर्जन भर दुकानों पर दही और चूड़ा बैठा कर खिलाया जाता है। 

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यहां की दुकानें खास वजह से प्रचलित हैं। इन दुकानों में पारंपरिक तरीके से होइठे(गोबर के उपले ) की आग पर मिट्टी की कहतरी में दूध उबाल के ठंडा होने पर जोरन डाल कर जमाया जाता है। जिसके साथ मीठा चूड़ा दिया जाता है खाने के लिए। 

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सात्विक, शुद्ध भोजन दही चूड़ा खाने के शौकीन वहाँ जाते हैं। यहां पर लोगों के बैठने के लिए स्टूल लगा दिया जाता है। जहां लोग बैठ कर दही चूड़ा चीनी या गुड़ के साथ चूड़ा खाने का मजा लेते हैं। ऐसा माना जाता है कि 50-60 सालों से ये परंपरा चली आ रही है। की दुकानदारों की पीढ़ियों से ये काम चला आ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि इस काम में कमाई तो ज्यादा नहीं होती पर मन को संतुष्टि मिलती है। ग्राहकों का कहना है कि अब ये उनकी आदत में शामिल हो गया है कि दिन में यहां आकर दही-चूड़ा खाएं।

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