राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में फास्फोर-जिप्सम के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशेगा एनएचएआई

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में फास्फोर-जिप्सम अपशिष्ट पदार्थ के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रहा है। फास्फोर-जिप्सम अपशिष्ट उर्वरक उत्पादन के दौरान निकलता है।

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 22 February 2023, 7:32 PM IST

नयी दिल्ली:  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में फास्फोर-जिप्सम अपशिष्ट पदार्थ के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रहा है। फास्फोर-जिप्सम अपशिष्ट उर्वरक उत्पादन के दौरान निकलता है।

एनएचएआई, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत आने वाले उर्वरक विभाग के साथ मिलकर इसका परीक्षण करने जा रहा है। संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग वाली अर्थव्यवस्था (सर्कुलर एकोनॉमी) को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में फॉस्फोर-जिप्सम के इस्तेमाल की योजना है।

एनएचएआई ने बुधवार को एक बयान में कहा कि उर्वरक कंपनी ने फॉस्फोर-जिप्सम के इस्तेमाल से एक सड़क बनाई है। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) ने इसका मूल्यांकन किया था।

बयान में आगे कहा गया कि सीआरआरआई की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) ने सड़क बनाने के लिए फास्फोरस-जिप्सम अपशिष्ट सामग्री को मान्यता दी है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्फोरस-जिप्सम के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए उर्वरक कंपनी और सीआरआरआई को परीक्षण करने के लिए कहा गया है।

एनएचएआई सड़क बनाने में बेकार प्लास्टिक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रहा है, जिसका पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है।

 

Published : 
  • 22 February 2023, 7:32 PM IST

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