
नई दिल्ली: आज शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज के दिन दुर्गा मां के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा आराधना की जाती है। जो भी भक्त इस दिन मां की पूजा, आराधना और उपासना करते हैं वह उसके दुखों को दूर करती हैं।
जानियें कैसा है मां चंद्रघंटा का स्वरूप
इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, यही वजह है कि इन्हें चंद्रघंटा की देवी कहा जाता है। मां चंद्रघंटा का वाहन शेर हैं। वहीं उनके हाथों में धनुष, त्रिशूल, तलवार, गदा, कमल और कमडंल के अलावा अन्य अस्त-शस्त्र हैं।
इस मंत्र का जाप कर करें मां चंद्रघंटा की पूजा
पिण्डजप्रवरारूढ़ा ण्डकोपास्त्रकेर्युता।प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:।।
मां चंद्रघंटा को दुध से बनी चीजों का ही भोग लगाएं
मां चंद्रघंटा की पूजा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप पीले या सुनहरे रंग का वस्त्र धारण करें। वहीं मां को केसर की खीर और दूध से बनी मिठाई का ही भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से मां प्रसन्न होती है और आपकी मनोकामना भी पूर्ण करती हैं।
Published : 19 October 2020, 9:03 AM IST