बसंत पंचमी का त्योहार कल मनाया जाएगा। कहा जाता है कि इस दिन विद्या की देवी माता सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

नई दिल्लीः बसंत पंचमी (Basant Panchami) का त्योहार कल यानी 14 फरवरी को मनाया जाएगा। कहा जाता है कि इस दिन विद्या की देवी माता सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। बसंत पंचमी को भारतवर्ष में तरह-तरह से मनाया जाता है। आइए आपको विस्तार से इससे जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं।
बसंत पंचमी के दिन आम जनमानस जहां मां सरस्वती को खुश करने के लिए पूजा-पाठ करते हैं। वहीं स्कूलों-कॉलेजों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजन किए जाते हैं। बसंत पंचमी का पर्व माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन शिक्षा की देवी मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। ज्योतिषों के अनुसार, मां सरस्वती ने ही संसार को वाणी प्रदान की थी।
क्या करें बसंत पंचमी के दिन?
सबसे पहले सुबह नहा-धोकर पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां सरस्वती की पूजा करें। पूजा की जगह पर किताबों को रखें। मान्यता है कि मां सरस्वती को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए पीला चावल या लड्डू मां को भोग लगाए।
वसंत ऋतु का होता है आगमन
मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का इस्तेमाल करने से सुख-समृद्धि में इजाफा होता है। इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन होता है। साथ ही विवाह और शुभ कार्यों के लिए बसंत पंचमी का दिन शुभ माना गया है।