
महराजगंजः ग्राम सभा गनेशपुर के ग्रामीणों ने सदर तहसील के अंतर्गत सदर कोतवाली का घेराव करने वाले लोगों का आक्रोश असामाजित तत्वों के खिलाफ लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय पुलिस पर भी जनता द्वारा असामाजिक तत्वों को पनाह देने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार करने के बजाय घायल मंगरू को हिरासत में लिया, जो सरासर गलत है। ग्रमीण पुलिस से उचित कार्यवाही की मांग कर रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा के टोला तुलसीपुर स्थित एक मजार पर हर शाम को कुछ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। जो देर रात तक यहां तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाते हैं। इससे न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि दिनभर मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों की नींद भी खराब होती है। ये न सिर्फ यहां पर हुड़दंग मचाते हैं बल्कि सड़क के दोनों तरफ गंदगी भी मचाते है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई इन्हें ऐसा करने से रोकता है तो ये असामाजिक तत्व मिलकर उसकी पिटाई पर उतारू हो जाते है। शनिवार की शाम को मंगरू ने यहां पर एक युवक को सड़क किनारे शौच करने से मना किया तो उसने बुरी तरह से मंगरू की पिटाई कर दी। उसकी चिल्लाने की आवाज सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सूचित किया। इस पर पुलिस ने पीटने वाले को गिरफ्तार करने की बजाय उल्टा मंगरू को ही हिरासत में ले लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को सदर कोतवाली का घेराव कर उसे छोड़ने की मांग की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आवाज उठाई। गुस्साएं ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे तक जीएम मार्ग पर जाम लगाया और पुलिस से मंगरू को छोड़ने के लिए कहा। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व प्रधान समेत कई ग्रामीण मौजूद थे। उनका कहना था कि पुलिस इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करें और ग्रामीणों को इससे निजात दिलाए।
Published : 17 September 2018, 8:24 PM IST
Topics : असामाजिक तत्व ग्रामीण जाम प्रदर्शन मजार महराजगंज सड़क सदर कोतवाली