
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) में बगावत के कारण पार्टी प्रमुख मायावती की नाराजगी चरम पर हैं। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती अब इस मामले को लेकर खुद सामने आयीं और समाजवादी पार्टी पर पार्टी में फूट डालने की साजिश रचने समेत कई बड़े आरोप लगाये।
गौरतलब है कि बसपा के सात विधायक पाला बदलते हुए सपा के समर्थन में आ गये हैं। बसपा विधायकों के बगावत पर मायावती ने सपा पर विश्वासघात का भी आरोप लगाया।
गुरुवार को मायावती ने कहा कि हमारे बसपा के सात विधायकों को तोड़ा गया है। उन्होंने इसके लिये सीधे समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सपा को यह हरकत भारी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए सपा के साथ हाथ मिलाया था लेकिन सपा ने इसके विपरीत जो हरकत की, वह उनके लिये भारी पड़ने वाली है।
मायावती ने यह भी कहा कि राम गोपाल यादव से हमारी बात हुई थी, उन्होंने सिर्फ एक सीट पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। इस बातचीत पर विश्वास करते हुए हमने अपने प्रत्याशी रामजी गौतम को राज्य सभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उतारा। लकिन ऐन मौके पर जो कुछ हुआ, वो सबके सामने है। मायावती ने झूठा हलफनामा दायर करने का भी आरोप लगाया।
बसपा से बगावत करने वाले विधायक अब जल्द समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
Published : 29 October 2020, 11:05 AM IST