जौनपुर: कमीशन के चक्कर में डॉक्टर नहीं लिखते जेनरिक दवा, मरीज महंगी दवा खरीदने को मजबूर

केंद्र की मोदी सरकार एक तरफ गरीबों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर 600 में केवल 40 दवा ही जनऔषधि केंद्रों पर उपलब्ध है। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट…

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 4 December 2018, 9:56 AM IST

जौनपुर: आमतौर पर डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखते ही नहीं। डॉक्टरों पर आरोप लगते रहे हैं कि वे दवा कंपनियों से कमिशन लेकर महंगी और बाहर की दवाएं लिखते हैं। जौनपुर के जन औषधि केंद्रों पर मात्र 40 से 45 दवा ही उपलब्ध है जिसके कारण मरीजों को मजबूरन होकर बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ती है।

इस मामले में डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते हुए दुकानदार संचालक कर्मवीर ने बताया कि यहाँ के डॉक्टर जल्दी जनऔषधि की दवाओं को नहीं लिखते है और कुछ ले भी जाते है तो उनसे दवा को वापस करा देते है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल के लगभग 30 प्रतिशत डॉक्टर ही जन औषधि की दवा लिखते है। बाकी डॉक्टर बाहर की दवा लिखते है और यह समस्या काफी महीनों से बनी हुई है।                   

Published : 
  • 4 December 2018, 9:56 AM IST

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