
महराजगंज: आखिर जिले के जिम्मेदार अफसर और जनप्रतिनिधि क्यों नहीं नेशनल हाईवे और बाईपास को लेकर तस्वीर साफ कर रहे हैं? क्यों नहीं ये लोग सामने आकर संशय में जी रहे हजारों नगर वासियों के सवालों का जवाब दे रहे? आखिर जब डिप्टी सीएम ने बाईपास का ऐलान कर दिया तब फिर क्यों नगर के बीचो-बीच से नेशनल हाईवे निकाला जा रहा है?
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक बुधवार को प्रशासनिक व राजस्व टीम ने हनुमानगढ़ी चौराहे पर पहुंचकर तेजी के साथ चिन्हांकन का कार्य शुरु कर दिया। जिसके बाद स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में बेचैनी छा गयी। लोग एक-दूसरे से सवाल पूछने लगे कि क्या नगर का सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर भी तोड़ा जायेगा? जब यह सवाल आम जनता ने मौके पर मौजूद जिम्मेदारों से पूछा तो इन सबने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि बड़े अफसरों ने कुछ भी बोलने से मना किया है।
सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि नगर के बीचों-बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला जायेगा और दस चक्का ट्रकों की चपेट में आकर नगरवासियों की मौत होगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? स्थानीय जनप्रतिनिधि या फिर बड़े अफसर?
इससे भी बढ़कर ये कि कोई भी जिम्मेदार अफसर ये तक नही बता रहा है कि रमपुरवां से लेकर मुख्य चौराहे और फिर मुख्य चौराहे से लेकर महुअवां के बीच सड़क के दोनों तरफ कितने-कितने फीट तक मध्य सड़क से मकान और दुकान तोड़े जाने की तैयारी है?
Published : 3 July 2019, 2:53 PM IST
Topics : उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य डिप्टी सीएम नितिन गडकरी नेशनल हाईवे महराजगंज सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री हनुमानगढ़ी