
नई दिल्ली: एनसीआर के गुरुग्राम में स्थित प्रमुख हॉस्पिटल मेदांता अस्पताल, उसके मालिक व चिर्चित चिकित्सक डा नरेश त्रेहान समेत 52 आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा शनिवार को एफआईआर दर्ज की गयी। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग, भष्टाचार, करोड़ो रूपये के मेडिसिटी प्रोजेक्ट में गड़बड़ी समेत कई आरोपों के चलते दर्ज किया गया है। जिसके बाद अब डा. त्रेहान समेत उनके अस्पताल की मुश्किलें बढ सकती है।
पुलिस ने यह मामला एक आरटीआई कार्यकर्ता रमन शर्मा की शिकायत और कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया है। इस शिकायत में कहा गया है कि मेडिसिटी बनाने का मकसद देश में एक इंटरनेश्नल स्तर का अस्पताल स्थापित करना था, जिसमें रिसर्च सेंटर, मेडिकल स्टडीज, हॉस्पिटल, डॉक्टरों कर्मचारियों और उनके परिजनों के आवास जैसी कई सुविधाएं स्थापित की जानी थीं।
शिकायत के मुताबिक उक्त सुविधाओं से युक्त अत्याधुनिक अस्पताल परियोजना के नाम पर ही मेडिसीटी को जमीन उपलब्ध कराई गयी। लेकिन परियोजना के मुताबिक यहां कुछ भी नहीं किया गया और सिर्फ एक अस्पताल बनाया गया, जिसका केवल कॉर्मशियल इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्पताल का मकसद आज पैसे कमाने तक सीमित रह गया है।
शिकायतकर्ता का कहना था कि साल 2004 में हरियाणा सरकार ने गुरूग्राम के सेक्टर 38 में मेडीसिटी प्रोजेक्ट के लिए 53 एकड़ जमीन दी थी, लेकिन जमीन के उद्देश्यों को पूरा नहीं किया गया है। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा जब कोई कार्रवाई नहीं की गयी तो आईटीआई कार्यकर्ता ने तीन दिन पहले अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत में डॉ. नरेश त्रेहन समेत उनके सभी साझेदार सहित कुल 52 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉड्रिंग एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद मेदांता अस्पताल, उसके मालिक नरेश त्रेहान और बाकी अन्य 52 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, PC Act और IPC की धारा 120B, 406, 463, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया है।
अदालत ने अपने आदेश में मेंदांता मेडीसिटी के सीएमडी डॉ. नरेश त्रेहन, सुनील सचदेव, अतुल पुंज, अनंत जैन के अलावा ग्लोबल हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल इंफ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड, पुंज लॉयड को नामजद किया ह। इसके अदालत ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के (एचएसवीपी) के मुख्य प्रशासक, एचएसवीपी गुरुग्राम के प्रशासक, संपदा अधिकारी-2 व स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के साथ ही मामले से संबंधित अन्य सभी सरकारी अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद अस्पताल की मुश्किलें बढती जा रही है।
Published : 7 June 2020, 10:53 AM IST
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