वसंत पंचमी पर जाने मां शारदा के पूजन की विधि और पाएं विद्या का वरदान

देश भर में सोमवार (22 जनवरी) को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। वसंत पंचमी को माँ शारदा या माँ सरस्वती के वरदान का दिन भी माना जाता है, जो हमें कला, संगीत, विद्या और बुद्धि देती है। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट से जाने वसंत पंचमी के पूजन की विधि और महत्व

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 21 January 2018, 6:51 PM IST

फतेहपुर: देश भर में सोमवार (22 जनवरी) को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन दान, जप, तप का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का महत्व पुराणों में वर्णित है। कला, संगीत, विद्या, बुद्धि के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन जप तप और दान करने से माँ शारदा का आशीर्वाद मिलता है। 

डाइनामाइट न्यूज़ से एक्लक्लूसिव  बातचीत में आचार्य गोविंद शास्त्री ने वसंत पंचमी के महत्व को बताया। 

वसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त

वसंत पंचमी माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है। रविवार को शाम 3 बजकर 35 मिनट से बसंत पंचमी की शुरुआत हो रही है। सोमवार को शाम 4 बजकर 25 मिनट तक इसका शुभ मुहूर्त रहेगा। शास्त्री जी ने बताया कि सूर्योदय से काल की गणना होती है, इसलिए उदयातिथि का विशेष महत्व होता है और इसलिए सोमवार से ही वसंत पंचमी मनाई जाएगी।

वसंत पंचमी का महत्व

इस दिन वसंतोत्सव, सरस्वती पूजा, रतिकामोत्स तथा तक्षक पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन को अबूझ साया के नाम से भी जाना जाता है। अर्थात इस दिन उपनयन संस्कार, शादी विवाह और किसी महत्वपूर्ण कार्य या पूजन को बिना किसी परामर्श के किया जा सकता है। इसलिए इसे अबूझ साया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सफेद और पीले वस्त्रों का विशेष महत्व है सरस्वती पूजा में सफेद वस्त्र और वसंत की पूजा में पीले वस्त्र पहने जाते हैं

कुंडली के दुर्योगों का भी होता है निवारण

यदि आपकी कुंडली में काल सर्फ योग और गृहण दोष है तो इसका निवारण भी इस दिन किसी ज्योतिष से सलाह लेकर किया जा सकता है।
 

Published : 
  • 21 January 2018, 6:51 PM IST

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