भारतीय नौसेना के लिए मिसाइल पोत बनाएगा कोचीन शिपयार्ड, जानिये इसकी खासियत

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए 9,805 करोड़ रुपये की लागत से अगली पीढ़ी के छह मिसाइल पोत (एनजीएमवी) बनाने के वास्ते एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इन पोतों की आपूर्ति 2027 से की जाएगी।

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 1 April 2023, 1:14 PM IST

कोच्चि: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए 9,805 करोड़ रुपये की लागत से अगली पीढ़ी के छह मिसाइल पोत (एनजीएमवी) बनाने के वास्ते एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इन पोतों की आपूर्ति 2027 से की जाएगी।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार राज्य सरकार के स्वामित्व वाले कोचीन शिपयार्ड ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘जहाजों की प्राथमिक भूमिका दुश्मन के युद्धपोत, व्यापार पोत और जमीनी लक्ष्यों के खिलाफ युद्धक क्षमता उपलब्ध कराना होगा।’’

कंपनी ने बताया कि इन जहाजों की आपूर्ति मार्च 2027 से शुरू होगी।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘एनजीएमवी उच्च गति और तीव्र मारक क्षमता वाले ऐसे हथियारों से लैस युद्धपोत होगा, जो राडार की नजरों में धूल झोंकने में सक्षम हैं। ये जहाज हमला करने और सतह रोधी युद्ध अभियान चलाने में सक्षम होंगे। ये दुश्मन के जहाजों के खिलाफ समुद्र में शक्तिशाली हथियार साबित होंगे।’’

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक मधु एस नायर ने कहा कि देश के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का सफलतापूर्वक निर्माण करने के बाद शिपयार्ड एनजीएमवी को बनाने का जिम्मा उठाने के लिए उत्साहित है।

 

Published : 
  • 1 April 2023, 1:14 PM IST

No related posts found.