हिंसा प्रभावित मणिपुर से 3,583 लोग मिजोरम भागे, शरण ली ,जानिये पूरा मामला

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पिछले सप्ताह जातीय हिंसा भड़कने के बाद कुल 3,583 लोग भागकर पड़ोसी राज्य मिजोरम जा चुके हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट डाइनामाइट न्यूज़ पर

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 11 May 2023, 1:53 PM IST

आइजोल: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पिछले सप्ताह जातीय हिंसा भड़कने के बाद कुल 3,583 लोग भागकर पड़ोसी राज्य मिजोरम जा चुके हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों को मिजोरम के छह जिलों में अस्थायी राहत शिविरों में रखा गया है, जबकि कई लोगों को उनके रिश्तेदारों ने आश्रय दिया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एक बयान के मुताबिक, मणिपुर से भागे लोगों में से कुल 1,351 लोगों ने कोलासिब जिले में, 1,214 लोगों ने सैतुअल जिले में और 934 लोगों ने आइजोल जिले में शरण ली है जबकि शेष 84 लोगों ने चम्फाई, सेरछिप और ख्वाजोल जिलों में शरण ली है।

राज्य के अधिकारियों ने कहा कि मिजोरम पर पहले से ही म्यांमार और बांग्लादेश से आए 30,000 से अधिक शरणार्थियों का बोझ है।

गौरतलब है कि मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आदिवासियों द्वारा तीन मई को मणिपुर के दस पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद हिंसक झड़पें हुई थी।

इससे पूर्व, आरक्षित वन भूमि से कुकी ग्रामीणों को बेदखल करने पर उत्पन्न तनाव के चलते झड़पें हुईं, जिसके कारण कई छोटे-छोटे प्रदर्शन हुए।

मणिपुर की कुल आबादी में मेइती समुदाय की 53 प्रतिशत हिस्सेदारी होने का अनुमान है। इस समुदाय के लोग मुख्यत: इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी सहित अन्य आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत के करीब है तथा वे मुख्यत: इंफाल घाटी के आसपास स्थित पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

Published : 
  • 11 May 2023, 1:53 PM IST

No related posts found.