राजस्थान में अप्रैल में होने वाले पंचायती राज चुनाव में बड़ा बदलाव। पंच और सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से होगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति में EVM का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने नई गाइडलाइन जारी की है।

बैलेट पेपर से मतदान (img Source: google)
Rajasthan: राजस्थान में अप्रैल माह में पंचायती राज चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अहम और बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने पंच और सरपंच पदों के लिए होने वाले चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स से मतदान कराने का निर्णय किया है। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलेक्टर्स को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव पहले की तरह EVM के जरिए ही कराए जाएंगे। यह बदलाव लंबे समय बाद किया गया है, जिसे ग्रामीण राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार पंच और सरपंच पद के लिए मतदान पूरी तरह बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के माध्यम से कराया जाएगा। आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों पर पर्याप्त बैलेट पेपर, बैलेट बॉक्स और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। इसके साथ ही मतपेटियों की सुरक्षा, सीलिंग प्रक्रिया और मतगणना को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव पुराने सिस्टम के तहत EVM से ही कराए जाएंगे। हालांकि, यदि किसी क्षेत्र में EVM की कमी होती है या किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न होती है, तो वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स से मतदान कराया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिस्थिति में मतदान प्रक्रिया बाधित न हो और चुनाव समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।
गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले तीन पंचायती राज चुनावों में पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद सहित सभी पदों के चुनाव EVM के जरिए ही कराए गए थे। पिछला पंचायती राज चुनाव भी पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से संपन्न हुआ था।
ऐसे में पंच और सरपंच चुनाव में बैलेट प्रणाली की वापसी को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे ग्रामीण स्तर पर मतदान प्रक्रिया में पारंपरिक तरीके की वापसी होगी और मतदाताओं को मतदान में अधिक सहजता महसूस हो सकती है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पंचायती राज चुनाव को समयबद्ध, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से EVM और बैलेट पेपर दोनों विकल्पों को तैयार रखा गया है। आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मतदान कर्मियों को पहले से प्रशिक्षण दिया जाए और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। आयोग का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक सुविधा, सीमित संसाधनों और मतदान की सुचारू प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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