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देवरिया: केंद्र व प्रदेश की सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, किसानों की उपज उचित मूल्य पर खरीदने, गन्ने की उपज को सुगमता पूर्वक मिल तक पहुंचाने, व निश्चित समयावधि में भुगतान कराने की जुगत में लगी है, वहीं दूसरी तरफ कार्यान्वयन करने वाला तंत्र व जिम्मेदार अफसरान, बीच के ठेकेदार कोई ऐसा तिकड़म लगा दे रहे हैं कि सरकार की मंशा फेल हो जा रही है।
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देवरिया जनपद में गन्ना प्रतापपुर व हाटा के पास स्थित मिलो को जाता है जिसके लिए किसानों को गन्ने की फसल व मिल की जरूरत के अनुसार विभिन्न तिथियो की पर्ची दी जाती है। किसान अपनी पर्ची व तिथि के अनुसार जा कर गन्ना तौल करा के चला आता था। पर्ची की तिथि पर तौल केंद्र तक न पहुँच पाने वाले किसान या किसी कारण होने वाले विलम्ब पर तौल कर्मी वही से बैठे बैठे मिल से पर्ची का समय बढ़वा कर गन्ना तौल कर लेता था, परन्तु अब किसानों की सुविधा और बढ़ाने के लिए तंत्र द्वारा की गई ब्यवस्था किसानों के गले की फांस बन गया है।
किसान योगेश विक्रम सिंह, ओमप्रकाश सहित अनेक लोगों ने बताया कि जो पर्ची मिल रही है उस पर 6 दिन की अवधि है, पर्ची मिलने के बाद किसान मजदूरों को ढूढ कर गन्ना छिलवाता है,फिर ट्राली पर लदवा के तौल केंद्र पर पहुँचता है, कभी ट्रक न होने के कारण,या पहले से ज्यादा गाड़ियों का नम्बर होने के कारण समय पर गन्ने का तौल नही हो पाता और निर्धारित समय बीत जाता है,यही से शुरू होती है किसान की दुर्दशा ,,,, अब किसान अपना गन्ना तौल केंद्र पर खड़ा कर केन यूनियन के माध्यम से अपने पर्ची कि अवधि बढ़वाने के लिए देता है, केन यूनियन के लोग उस पर्ची को गोरखपुर भेजते हैं यह सब करते कराते एक सप्ताह से अधिक लग जाता है।
Published : 23 December 2018, 1:09 PM IST
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