आजमगढ: दो समुदायों में जमकर मारपीट में डेढ दर्जन घायल, गांव में भारी तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात, CM भी सख्त

डीएन ब्यूरो

एक मामूली विवाद को लेकर आजमगढ के एक गांव में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गयी। इस घटना में डेढ दर्जन लोग घायल हो गये। बढते तनाव के मद्देनजर गांव में पीएसी को तैनात किया गया हैं । पढ़ें पूरी खबर..

मौके पर मौजूद पुलिस
मौके पर मौजूद पुलिस

आजमगढ: महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर आयमा गांव में बच्चों में विवाद को लेकर दो समुदाय के जबरदस्त मारपीट का मामला सामने आया है। मारपीट की इस घटना में 15 से ज्यादा लोग घायल हो गये, जिनमें अधिकतर दलित समुदाय के बताये जाते हैं। दो समुदायों के बीच का मामला होने के कारण प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज भेजकर इलाज कराया गया। साथ ही मौके पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। अस्पताल में कुछ घायलों का इलाज जारी है, जबकि कुछ को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि 7 आरोपी फरार बताये जाते हैं। महराजगंज थाने के इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस द्वारा फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया है। एसपी का कहना है कि मामले में दोषी लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तरह कार्यवाही की जायेगी। बताया जाता है कि यूपी सीएम ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश दिये, जिसके बाद संबंधित थानेदार को तत्काल निलंबित कर दिया गया।  

सांप्रदायिक तनाव की आशंका के चलते देर रात गांव में एक प्लाटून पीएसी भी लगा दी गई। दलित पक्ष से विनोद कुमार पुत्र रामसरिस की तहरीर के आधार पर गांव के नौ नामजद और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। बुधवार की शाम हुई इस घटना के आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी लोगों से पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार गांव के गुड्डू के लड़के जय भीम 16 वर्ष के मोबाइल पर दूसरे वर्ग के एक लड़के द्वारा गाली गलौज और धमकी दी गई, जिसके बाद पूछताछ में मारपीट शुरू हो गई। दलित पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष से काफी संख्या में लोग इकट्ठा होकर घर में आये और महिलाओं व बच्चों को भी जमकर लाठी-डंडे वह धारदार हथियार से घायल किया। साथ ही बताया की ट्यूबेल पर पानी लेने जा रही दलित बालिकाओं से भी आरोपियों द्वारा छेड़खानी की जाती थी, विरोध करने पर दलितों को बुरी तरह पीटा जाता था।

हालांकि ताजी घटना का कारण बच्चों के बीच खेलकूद में हुए विवाद को बताया गया। जबकि कुछ लोगों में यह चर्चा थी कि मामला दो वर्गों के बीच प्रेम प्रसंग का है जो एक पक्ष को नागवार लगा और जिसकी परिणति मारपीट के रूप में हुई। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों की उपस्थिति नदारद होने के कारण कोई बयान नहीं मिल सका है।

घायलों में सोनू 20 पुत्र सुभाष, प्रमिला 30 पत्नी राजकुमार, आनंद कुमार 25 पुत्र लालबहादुर, अंकिता 13 पुत्री विनोद, लालबहादुर 52 पुत्र रामलवट, सुधीर 18 पुत्र विनोद, विकास 17 पुत्र बालचंद, सुबोध कुमार 19 पुत्र विनोद कुमार, अनीता 35 पत्नी दिनेश, गुड्डू 35 पुत्र मूरत, मनजीत 12 पुत्र गुड्डू और अमरसी देवी 50 पत्नी दरसू सहित दर्जन भर लोग चोटिल हैं जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। मौके पर स्थिति सामान्य है और भारी पुलिस बल की उपस्थिति के चलते गांव में एक पक्ष की बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है।








संबंधित समाचार