जंगल बुक के मोगली के बारे में तो सब जानते हैं, क्या आपने असली ‘मोगली गर्ल’ देखी?

डीएन संवाददाता

हम और आप सभी ने बचपन में जंगल बुक पढ़ी होगी जिसमें मोगली नाम के बच्चे को देखा होगा जो है तो इंसानों का बच्चा लेकिन वह पला-बढ़ा जानवरों की बीच जिससे उसकी हरकतें भी वैसी ही हो गईं। ऐसा ही कुछ दावा बहराइच जंगल में मिली एक बच्ची को लेकर किया जा रहा है। क्या है मामला यह रिपोर्ट पढ़िए...

मोगली गर्ल
मोगली गर्ल

बहराइच: उत्‍तर प्रदेश के बहराइच में एक रियल मोगली गर्ल यानी कि लड़की मिली है। जिसे देखकर आसपास के लोगों के साथ प्रशासन तक हैरान है। इन दिनों यह लड़की चर्चा का विषय बनी है। इस बच्‍ची को हाल ही में बहराइच के जिला अस्‍पताल लाया गया है। करीब 10 साल की यह लड़की बेहद रहस्‍यमयी है। इसे कुछ लोग ‘मोगली गर्ल’ तो कुछ लोग ‘जंगली गुड़िया’ नाम से बुला रहे हैं। यह बच्‍ची न इंसानों की तरह बात करती है और न इंसानों की तरह व्यवहार करती है।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह बच्‍ची बोल भी नहीं पाती है। इसके अलावा जब यह लोगों को देखती है तो बंदरों की तरह गुर्राने लगती है। नाखून और बाल बढ़े होने के साथ ही वह लोगों को बंदरों की तरह ही काटने और दौड़ाने की कोशिश करती है। अस्‍पताल में जब भी उसे खाना दिया जाता है कि तो वह कई बार थाली फेंक देती है।

यह बच्‍ची हाल ही में कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र के मोतीपुर रेंज में मिली है। कहा जाता है कि यह अक्‍सर इस जंगल में बंदरों के साथ दिखाई देती थी, लेकिन जब लोग उसे निकालने की कोशिश करते तो बंदर दौड़ा लेते थे। ऐसा लगता था कि वह बंदरो के परिवार का सदस्‍य है। उसके बाद वह बच्‍ची भी गायब हो जाती थी। ऐसे में अभी बीती जनवरी में यूपी की 100 नंबर की पुलिस टीम गश्‍त पर निकली थी। इस दौरान यह बच्‍ची बंदरों के झुंड में दिखाई दी थी।

इस दौरान पुलिस ने बेहद सतकर्तता बरतते हुए इसे निकालने का प्‍लान किया। पुलिस टीम ने उसे बड़ी मशक्‍कत के बाद से बंदरों के बीच से निकाला। इसके बाद उसे मिहीपुरवा सी.एच.सी. में और फिर जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया। उसके शरीर पर चोट के निशान है। जिससे उसका उपचार किया जा रहा है। अब तक उस बच्‍ची की हालत में काफी हद तक सुधार हुआ है। अब पुलिस इस बच्‍ची से जुड़ी हर बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सीएमओ का कहना है कि लड़की के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है और ना ही उसकी पहचान हो पायी है। वह जंगल कैसे पहुंचीं इस बारे में भी अभी कोई जानकारी नहीं है।

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