गुजरात चुनाव: डाइनामाइट न्यूज को वोटरों ने बताया, किस आधार पर दिये उन्होंने वोट

मनोज टिबड़ेवाल आकाश

गुजरात चुनाव के पहले चरण के लिये 16 जिलों में आज 89 सीटों के लिये मतदाताओं में खूब जोश देखा गया। डाइनामाइट न्यूज ने भी वोटिंग के इस मौके पर विभिन्न मतदान स्थलों पर पहुंचकर वोटरों की राय जानी। जाने, वोटरों ने किस आधार पर दिये अपने वोट..


सूरत: गुजरात चुनाव के पहले चरण के लिये 19 जिलों में आज 89 सीटों के लिये वोटिंग हेतु मतदाताओं में खूब जोश देखा गया। गुजरात की जनता वोटिंग के लिये आज सुबह से ही मतदान स्थलों पर जुटनी शुरू हो गयी थी। लोकतंत्र के इस पर्व में सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नये वोटर, युवा और बुजर्ग महिला-पुरुष भी कतार में मतदान के लिये अपनी बारी का इंतजार करते नजर आये।

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डायमंड और टेक्सटाइल हब के रूप में मशहूर सूरत भी उन शहरों में है, जहां आज वोटिंग हुई। डाइनामाइट न्यूज ने भी वोटिंग के इस मौके पर विभिन्न मतदान स्थलों पर पहुंचकर वोटरों की राय जानी। सिटी लाइट एरिया सूरत शहर का एक पॉश क्षेत्र माना जाता है, यहां के लोग वोटिंग के लिये आज काफी व्यस्त और उत्साहित नजर आये। 

डाइनामाइट न्यूज से बातचीत करते हुए किशन पटेल ने कहा कि वो यह देखकर वोट दे रहे है कि पिछले चुनावों में नेताओं ने जनता से जो वायदे किये थे, उन पर कितना काम किया गया। क्या-क्या परिवर्तन हुआ है, उसी के आधार पर वो वोट दे रहे है। 10-15 सालों में कितना काम हुआ, उसी को देखकर किशन पटेल ने वोट देने की सोची।

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महिला वोटर मीता पटेल ने कहा कि वह ऐसी सरकार चाहती है, जो महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखे और नारी सुरक्षा की दिशा में काम करे।

अन्य महिला वोटर मिली सेठ ने कहा कि नेता लोग अक्सर जो वायदे करते हैं, उन पर काम नहीं होता। हम चाहते है कि आने वाली सरकार जो भी काम करे, वो जनहित में काम करे। शिक्षा को लेकर पूछे गये सवाल के जबाव में सेठ ने कहा कि शिक्षा तो ठीक है, लेकिन स्कूलों की फीस काफी ज्यादा है, जिस पर सरकार को सोचना चाहिये।

 

 

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वोट देने आये चेतन सेठ ने कहा कि शिक्षा में सुधार की जरूरत है। सरकार को चाहिये कि वह 10 - 12 क्लास तक की शिक्षा को मुफ्त दे। नेताओं, अधिकारियों और बड़े लोगों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़े, जिससे शिक्षा प्रणाली मे सुधार आयेगा।

 








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