यूपी की कई नदियां ऊफान पर, एक दर्जन से अधिक जिलों में बाढ़ का संकट, कई गांवों में घुसा पानी

उत्तर प्रदेश की कई नदियां ऊफान पर हैं, जिससे राज्य के एक दर्जन से अधिक जिलों के गावों में बाढ़ का खतरा लगातार बढता जा रहा है। डाइनामाइट न्यूज की स्पेशल रिपोर्ट

Updated : 2 August 2020, 7:19 PM IST
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लखनऊ: यूपी में लगातार हो रही बारिश के कारण एक दर्जन से अधिक जिलों के कई गांवों पर बाढ का खतरा मंडरा रहा है। सैकड़ों गांव के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सीएम योगी द्वारा संबंधित जिलों के अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिये जरूरी निर्देश दिये गये हैं लेकिन नदियों का लगातार बढता जलस्तर से खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के जो जिले इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रहे हैं, उनमें सीएम योगी का गृहनगर गोरखपुर के अलावा सिद्धार्थनगर  बहराइच, बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, आजमगढ़, गोंडा, संतकबीर नगर, सीतापुर, और बलरामपुर  शामल हैं। इन जिलों के सैकड़ों गांव डूब क्षेत्र में तब्दील होते जा रहे हैं और लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही है।

शारदा नदी-पलिया कला (लखीमपुर खीरी) में, राप्ती नदी-बर्डघाट (गोरखपुर) में, राप्ती नदी-राप्ती बैराज (श्रावस्ती), सरयू नदी-एल्गिनब्रिज (बाराबंकी) में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है। इसी प्रकार, सरयू नदी-अयोध्या (अयोध्या) में तथा सरयू (घाघरा) नदी-तुर्तीपार (बलिया) में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है।  

राज्य के इन जिलों के 300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं और लोगों का हर रोज जीना मुहाल होता जा रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांवों में पानी धुसता जा रहा है। कई जगहों पर बने बंधों में कटान भी जारी है, जिस कारण बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है।

लगातार बढ़ते खतरों के बीच प्रभावित गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के सख्त निर्दश दिये है। संबंधित जिलों के विभागों द्वारा राहत पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है।

राज्य में बाढ़ का संकट जिस बड़े स्तर पर लगातार बढ़ता जा रहा है, उसके सामने अभी राहत कार्यों में और तेजी लाने की जरूरत है।
 

Published : 
  • 2 August 2020, 7:19 PM IST

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