DN Exclusive फतेहपुर: अतिक्रमण पर डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह डाइनामाइट न्यूज़ से बोले- कोई नया मास्टरप्लान नहीं

डीएन संवाददाता

फतेहपुर की आम जनता समेत कारोबारियों में प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर नये मास्टरप्लान सहित तमाम तरह की चर्चाएं की जा रही है, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी बन रही है। अतिक्रमण को लेकर आखिर क्या है प्रशासन का वास्तविक प्लान, इसी को जानने के लिये डाइनामाइट न्यूज़ ने सीधे फतेहपुर के जिलाधिकारी से बात की, जाने क्या कहा डीएम ने..

डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह
डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते डीएम आञ्जनेय कुमार सिंह

फतेहपुर: अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर जनता द्वारा लगाये जा रहे तमाम तरह के कयासों को विराम देने के लिये डाइनामाइट न्यूज़ ने जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह से बात की तो कई मुद्दे साफ हो गये। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान जनता और शहर के हित में ही चलाया जा रहा है। किसी को भी इस कारण परेशान होने की जरूरत नहीं है।

सबसे चौड़ी सड़क के आधार पर चल रहा अभियान 

जिलाधिकारी ने डाइनामाइट न्यूज़ से खास बातचीत में कहा कि अतिक्रमण को लेकर उनके पास किसी तरह का कोई नया मास्टरप्लान नहीं है। वे पुराने आधारों को ही मानक मानकर अतिक्रमण हटवा रहे है। डीएम ने साफ किया कि शहर की सबसे पुरानी और सबसे चौड़ी सड़क को आधार मानकर ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि इस बारे में पिछले दिनों उनकी व्यापारियों के साथ भी बातचीत हुई। व्यापारियों का सुझाव था कि शहर की सबसे चौड़ी सड़क के मानक तय करने के लिये तीन अलग-अलग जगहों से नाप लिया जाये, जिसे प्रशासन ने माना है और नाप लिया गया लेकिन इसमें कोई बड़ा बदलाव सामने नहीं आया।

 

 

मास्टर प्लान में कोई तब्दीली नहीं

जिलाधिकारी ने साफ किया कि अतिक्रमण को लेकर को उन्होंने न तो किसी नये मास्टर प्लान को अपनाया है और न ही किसी पुराने मास्टर प्लान में कोई तब्दीली की है।  

नुकसान होने पर व्यापारी को मदद

डीएम ने कहा कि अतिक्रमण के कारण यदि किसी के व्यापार को कोई नुकसान हुआ है तो प्रशासन उस व्यक्ति को बैंक से पूरी मदद दिलायेगा। उसको हम बैंक से सपोर्ट कराएंगे और उसके व्यापार को दोबारा स्थापित कराया जायेगा। लोन इत्यादि में भी प्रशासन द्वारा सभी तरह की मदद मुहैय्या करायी जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बारे में एडीएम ने बैंकर्स के साथ बैठक की है, जिसमें व्यापारियों को पूरा सहयोग करने का निर्णय लिया गया है। एसडीएम केवल बैंक को लिखकर देगा कि अतिक्रमण के कारण संबंधित व्यक्ति के व्यापार को नुकसान पहुंचा है।

अतिक्रमण से कोई बेरोजगार नहीं

जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के कारण हमें अभी तक किसी के बेरोजगार होने की जानकारी नहीं मिली है। डीएम ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन हर स्तर पर जनता की परेशानियों को ध्यान में रखकर व हर चीज को समझकर काम कर रहा है।

इसलिये जरूरी था अतिक्रमण अभियान 

जिलाधिकारी ने कहा कि गंदगी के कारण नालियां जाम हो गयी थी, हमने दो-दो बार सफाई कराई लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई। इसके अलावा गंदगी, शौचालय, जाम आदि समस्याओं को देखते हुए इस अभियान का निर्णय लिया गया। प्रशासन के पास पैसे है, लेकिन जगह के अभाव में महिलाओं के लिये शौंचालय समेत अन्य सुविधाओं की स्थापना नहीं हो पा रही है। इन सभी दिक्कतों को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया।

प्रशासन की बड़ी प्राथमिकताएं 

डीएम ने कहा कि नालों की साफ-सफाई एक बड़ी प्राथमिता है, ताकि शहर में या किसी के घर में पानी न भरे। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण, महिलाओं और दिव्यांगों के लिये शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उपलब्ध संसाधनों को ठीक कराना और नये संसाधनों को जुटाने जैसे आदि कामों के लिये यह सब जरूरी था।

सहयोग के लिये जनता का साधुवाद 

उन्होंने कहा कि जनता ने इस अभियान में उनका भरपूर सहयोग दिया है। जितना हो सके, जनता ने खुद ही अपना अतिक्रमण भी हटाया है। जिन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, उन्होंने भी इसमें खुद सहयोग किया है। जिसके लिये मैं जनता को धन्यवाद देता हूं। 

फतेहपुर को मिलेगी नई पहचान 

जिलाधिकारी ने कहा कि फतेहपुर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत ऐतिहासिक और महान है। हमारा मकसद इसे इतिहास में दर्ज कराना और इसकी तरफ सभी का ध्यान आकर्षित कराना भी है। फतेहपुर को एक नई पहचान दिलाने और इसे और ज्यादा विकसित करना उनका उद्देश्य है। 

 

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