महराजगंज: मुकदमा दर्ज होने के बाद सामने आए ब्लॉक प्रमुख सिसवा, बोले- राजनीतिक दबाव में हुई कार्यवाही

डीएन ब्यूरो

अपने और समर्थकों पर मुकदमे दर्ज होने के बाद ब्लॉक प्रमुख सिसवा सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि थानेदार सिसवा राजनीति कर रहे हैं और राजनीतिक दबाव में आकर हम लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।


सिसवा (महराजगंज): कोठीभार थाना क्षेत्र के सिसवा-घुघली मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम सभा बरवा द्वारिका में विगत 27 जुलाई की शाम दो वाहनों की हुई टक्कर के बाद दोनों पक्षों मे हुई कहासुनी की खबर पाकर मौके पर बीच- बचाव करने पहुंचे सिसवा ब्लाक प्रमुख उदयप्रताप सिंह से कुछ लोग भिड़ गए।

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देखते ही देखते मामला काफी बढ़ गया और मनबढ़ों ने प्रमुख के ड्राइवर को वाहन से खींचकर मारने पीटने लगे। मनबढ़ों की दंबगई देख प्रमुख अवाक रह गए। इसके बाद घटना को लेकर नाराज प्रमुख घटनास्थल पर ही धरने पर बैठ गए। इधर घटना क्षेत्र में आग की तरह फैल गयी। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में भीड़ जुट गयी जबकि घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रमुख को समझाने बुझाने के प्रयास में जुट गयी लेकिन प्रमुख समर्थक सड़क से हटने को तैयार नही हो रहे थे। घंटों मशक्कत के बाद थानाध्यक्ष के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

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मिली जानकारी के अनुसार 27 जुलाई की शाम करीब 6 बजे सिसवा से गोरखपुर अपने वाहन से जा रहे सेक्रेटरी राकेश त्रिपाठी अभी ग्राम बरवा द्वारिका पहुंचे थे। कि अचानक रोड़ पर एक बकरी आ जाने से उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक मारी वही पीछे आ रही एक गाड़ी ने सेक्रेटरी के गाड़ी को ठोकर मार दी। जिससे उनकी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी। इसे लेकर दोनों वाहन स्वामियों में कहासुनी होने लगी। इस बीच घटनास्थल पर पहुंचे प्रमुख उदय प्रताप सिंह मामले में बीच बचाव कर दोनों पक्ष को शांत कराया। इसके बाद अपने वाहन में बैठकर क्षेत्र में जाने लगे कि इस बीच किसी बात पर नाराज मनबढ़ों ने प्रमुख के डाइवर को घेरकर बेहरमी से पीटने लगे। जब तक प्रमुख कुछ समझ पाते। तब तक मनबढ़ों ने डाइवर को जमकर पीटने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना से नाराज और पुलिस की देर से आने की लापरवाही से ब्लाक प्रमुख सिसवा-घुघली मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए।

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वही घटना की सूचना पाकर उनके दर्जनों समर्थन मौके पर पहुचकर धरने पर बैठ गए। जबकि सूचना के एक घंटे बाद पहुंची कोठीभार पुलिस को समर्थकों के आक्रोश को शांत कराने में पसीने छूट गए। उसके बाद उल्टे ही प्रमुख पर समर्थकों समेत मुक़दमे दर्ज कर दिया गया।













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